बायोमेट्रिक हाजिरी पर मदरसा प्रधानाचार्य की राय, बोले- आदेश का करेंगे पालन, छात्रों के लिए व्यवस्था चुनौतीपूर्ण
सम्भल: मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षकों के वेतन और छात्रों की छात्रवृत्ति को बायोमेट्रिक
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षकों के वेतन और छात्रों की छात्रवृत्ति को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने के फैसले पर मदरसा हमीदिया अशरफिया के प्रधानाचार्य नूर आलम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था उचित है और इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज कराना व्यवहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
नूर आलम ने कहा कि बायोमेट्रिक के बिना हाजिरी नहीं होनी चाहिए, यह व्यवस्था सही है। हालांकि छात्रों के मामले में इसे लागू करना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की नियमित बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना एक कठिन कार्य है, फिर भी सरकार का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) इसकी निगरानी करेंगे, तो उन्होंने कहा कि डीएमओ पहले से ही मदरसों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं। छात्रवृत्ति को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने के सवाल पर नूर आलम ने बताया कि उनके मदरसे के छात्रों को काफी समय से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा बहुत पहले से बंद है और वर्तमान में उनके यहां किसी छात्र को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा। सरकार को संदेश देने के सवाल पर प्रधानाचार्य ने स्पष्ट कहा कि वे किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जैसा आदेश जारी करेगी, उसका पूरी तरह पालन किया जाएगा। यदि छात्रवृत्ति मिलेगी तो उसका लाभ लिया जाएगा और यदि नहीं मिलेगी तो भी नियमों का सम्मान किया जाएगा।
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