Mirzapur News: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मां विन्ध्यवासिनी के किए दर्शन, विकास व कानून व्यवस्था की समीक्षा
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीरजापुर में मां विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन किए और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर गड्ढामुक्ति व विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए।
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Headline 2: मीरजापुर में बोले केशव प्रसाद मौर्य: बरसात के बाद गड्ढामुक्त होंगी सड़कें, रोस्टर के अनुसार मिले बिजली
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Headline 3: विन्ध्याचल पहुंचे उपमुख्यमंत्री: अफसरों को हिदायत, आईजीआरएस शिकायतों का हो समय से निस्तारण, अवैध कब्जों पर सख्ती
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Headline 4: मीरजापुर समीक्षा बैठक: डिप्टी सीएम ने परखी विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं पर दिए कड़े निर्देश
मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को मीरजापुर जनपद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध शक्तिपीठ विन्ध्याचल पहुंचकर जगत जननी मां विन्ध्यवासिनी देवी के गर्भगृह में विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रदेश के नागरिकों के कल्याण और समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने विन्ध्याचल के बंगाली चौराहा स्थित एक सभागार में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास कार्यों की भौतिक प्रगति, जनसमस्याओं के निस्तारण, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और कानून व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की गई।
उपमुख्यमंत्री दोपहर लगभग 1:45 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचे, जहां कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, स्थानीय विधायकों, प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से वह सीधे सड़क मार्ग द्वारा विन्ध्याचल पहुंचे। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र और पुरोहित धीरज मिश्र ने मंत्रोच्चार के बीच उन्हें गर्भगृह में दर्शन-पूजन कराया। दर्शन के पश्चात नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने उन्हें मां विन्ध्यवासिनी का चित्र और चुनरी भेंट कर सम्मानित किया।
बरसात समाप्त होते ही शुरू होगा सड़कों का गड्ढामुक्ति अभियान
समीक्षा बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिले की आंतरिक और मुख्य सड़कों की खस्ताहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मानसून और वर्षा का दौर समाप्त होते ही पूरे प्रदेश के साथ-साथ मीरजापुर जनपद में युद्धस्तर पर विशेष अभियान चलाकर सभी सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति का कार्य प्राथमिकता पर पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण में गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण सामग्री के मानकों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। यदि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद टूटने या गुणवत्ता घटिया पाए जाने की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध सीधे दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निर्धारित रोस्टर पर बिजली और सही बिलिंग सुनिश्चित करने के आदेश
बैठक में विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अनाप-शनाप बिलों के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शासन द्वारा तय किए गए रोस्टर के अनुरूप ही निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गलत या आकलित बिल भेजे जाने की शिकायतें प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। मीटर रीडिंग की सही व्यवस्था की जाए और उपभोक्ताओं को समय से सटीक बिल दिए जाएं। बिजली से जुड़े फॉल्ट, ट्रांसफार्मर खराब होने और स्थानीय जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए ताकि आम जनता को गर्मी या उमस के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आवास योजनाओं का दायरा और जमीनी सत्यापन
प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने जिले को मिले लक्ष्यों और अब तक हुए आवंटनों की स्थिति जांची। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कोटे के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को योजना से जोड़ा जाए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई वास्तविक रूप से निर्धन और पात्र व्यक्ति योजना के दायरे से छूट गया है, तो उसका तत्काल सर्वेक्षण और सत्यापन कराया जाए। ऐसे परिवारों को नियमानुसार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की संस्तुति भेजी जाए, ताकि कोई भी गरीब पक्की छत से वंचित न रहे।
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती
प्रशासनिक मशीनरी को जवाबदेह बनाने पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईजीआरएस (IGRS), मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनता दर्शन और समाधान दिवसों में प्राप्त होने वाले आवेदनों को केवल कागजों में निस्तारित न दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही समाधान का असली पैमाना है। किसी भी नागरिक को अपनी जायज समस्या के लिए बार-बार तहसील, थाना या कलेक्ट्रेट के चक्कर न काटने पड़ें।
जमीन विवादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि कतिपय दबंग तत्वों द्वारा भूमि पर किए जाने वाले अवैध कब्जों की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर निष्पक्ष रूप से पैमाइश कराएं और अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर पीड़ित को उसका हक दिलाएं।
थाना स्तर पर व्यवहार और अन्य परियोजनाओं की स्थिति
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्षों का व्यवहार संवेदनशील और विनम्र होना चाहिए। पीड़ित की बात को गंभीरता से सुना जाए और निष्पक्ष जांच कर त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पोषण मिशन से जुड़े टेक होम राशन (टीएचआर) संयंत्र और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले सोलर प्लांट परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जबकि पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने सुरक्षा व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति से अवगत कराया।
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