MLC Election Results - पीएम मोदी के बैलेट पेपर वाले तंज पर कांग्रेस का पलटवार, नागपुर और वाराणसी का दिया हवाला
एमएलसी चुनाव में बैलेट पेपर को लेकर पीएम मोदी के तंज पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने नागपुर में जीत और वाराणसी में भाजपा की स्थिति पर सवाल उठाए।
- Congress Targets PM Modi - नागपुर में जीती कांग्रेस तो पवन खेड़ा बोले, अपने संसदीय क्षेत्र की सीट भी नहीं बचा पाए पीएम
- Political War of Words - बैलेट पेपर पर छिड़ा सियासी घमासान, कांग्रेस ने पूछा- क्या पूरे देश में कराएंगे मतपत्र से चुनाव?
- Nagpur MLC Result - नतीजों से पहले तंज कसना पड़ा भारी, जयराम रमेश बोले- दूसरों को सीख देने से पहले खुद करें आत्ममंथन
चार राज्यों में संपन्न हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के नतीजों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक तकरार शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर मतपत्र (बैलेट पेपर) से हुए मतदान के परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर कसे गए तंज के बाद मुख्य विपक्षी दल ने जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री के अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय वाले नागपुर के नतीजों को सामने रखकर भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तंज
मतगणना के शुरुआती रुझानों और नतीजों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट साझा की थी। इसमें उन्होंने विपक्ष द्वारा लगातार ईवीएम पर उठाए जाने वाले सवालों की पृष्ठभूमि में लिखा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 एमएलसी सीटों पर चुनाव हुए और ये सभी चुनाव मतपत्रों के जरिए कराए गए। प्रधानमंत्री ने चुटकी लेते हुए सवाल किया कि जनता अंदाजा लगाए कि इनमें से कांग्रेस पार्टी ने कितनी सीटें जीती हैं। भाजपा का तर्क था कि जब चुनाव मतपत्र से हुए, तब भी जनता ने कांग्रेस को नकार दिया।
- नागपुर और वाराणसी के नतीजों से कांग्रेस का तीखा जवाब
प्रधानमंत्री के इस बयान के कुछ ही समय बाद जब महाराष्ट्र की प्रतिष्ठापूर्ण नागपुर खंड स्नातक सीट का 40 घंटे से अधिक चला मतगणना परिणाम सामने आया, तो तस्वीर बदल गई। भाजपा के इस मजबूत गढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी को पराजित कर जीत हासिल कर ली।
इस जीत के बाद कांग्रेस के मीडिया व प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के पोस्ट का हवाला देते हुए सीधा पलटवार किया। खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री दूसरों पर सवाल उठाने से पहले यह देखें कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में क्या हुआ, जहां भाजपा को स्नातक सीट पर हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि नागपुर में भी भाजपा को शिकस्त मिली है और प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि वहां किसकी जीत हुई है।
- बैलेट पेपर से आम चुनाव कराने की चुनौती
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व को अपूर्ण नतीजों के आधार पर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए था। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को मतपत्र से हुए चुनावों के नतीजों पर इतना ही भरोसा है, तो उन्हें आगामी सभी विधानसभा और लोकसभा चुनाव भी ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की अधिसूचना जारी करवानी चाहिए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि नतीजों की घोषणा से पहले महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी ऐसे ही तंज कसे थे, लेकिन नागपुर का अंतिम परिणाम आने के बाद स्थिति उलट गई।
विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक क्षेत्रों के चुनाव सीधे तौर पर प्रबुद्ध और शिक्षित मतदाताओं के मिजाज को दर्शाते हैं। नागपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट पर कांग्रेस की जीत और वाराणसी में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन ने विपक्ष को सत्तापक्ष के उस आख्यान को काटने का मौका दे दिया है, जिसमें बैलेट पेपर के जरिए विपक्ष के जनाधार पर सवाल उठाए जा रहे थे।
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