रेप की पुष्टि के बाद नवाब सिंह यादव पर कसा शिकंजा, बुआ पर केस, तलाश जारी

Aug 16, 2024 - 23:59
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रेप की पुष्टि के बाद नवाब सिंह यादव पर कसा शिकंजा, बुआ पर केस, तलाश जारी

कन्नौज-यूपी।
यूपी के कन्नौज जिले की सदर कोतवाली इलाके में रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख सपा नेता नवाब सिंह यादव पर नाबालिग से दुष्कर्म करने का केस दर्ज है। पुलिस ने नायब सिंक को गिरफ्तार कर लिया था। इस पूरे मामले में पुलिस के सामने एक वीडियो भी आया था जिसमें नवाब यादव आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहा है। इस केस में रात डेढ़ बजे के करीब डायल 112 पर एक लड़की ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ रेप की कोशिश की गई। कांड में नवाब सिंह यादव पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने बच्ची की बुआ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें बुआ की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद पीड़िता के बुआ के बैंक खातों में बड़ी रकम भेजी गई है। बड़ी खबर ये है कि रेप की पुष्टि होने के बाद फैसला किया गया है कि आरोपी नवाब सिंह का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। पुलिस ने शुरु में इस केस में रेप की कोशिश की धाराएं लगी थीं। अब पुलिस ने धाराएं बढ़ा दी हैं।

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जिले के एसपी ने कहा है कि डीएनए की जांच की मंजूरी ली जाएगी। आपको बता दें कि 12 अगस्त को कोर्ट में नवाब सिंह ने जमानत याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 16 अगस्त तय की है। इस केस में रात डेढ़ बजे के करीब डायल 112 पर एक लड़की ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ रेप की कोशिश की गई। शिकायत पर तत्काल कोतवाली और पीआरवी की टीम मौके पर पहुंची। वहां शिकायत करने वाली लड़की तो मिली ही आपत्तिजनक हालत में अभियुक्त और सपा नेता नवाब सिंह यादव को भी हिरासत में ले लिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर नवाब सिंह यादव के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। पीड़िता नाबालिग है। कटरी के अडंगापुर गांव में एक यादव परिवार में जन्मे नवाब ने छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत की। शुरुआत में कन्नौज के कॉलेजों में चुनाव लड़ते और लड़ाते थे। 1997 में नवाब सपा के छात्र संगठन लोहिया वाहिनी से जुड़ गए। नवाब इस इकाई के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। सन 2000 में अखिलेश यादव ने कन्नौज से चुनाव लड़ा, उस समय नवाब की भूमिका चुनावों में काफी अहम रही। 2006 में नवाब कन्नौज सदर सीट से ब्लॉक प्रमुख चुने गए। नवाब पर धमकी, हत्या की कोशिश, वसूली जैसे कई आरोपों में केस दर्ज हैं। बताया जाता है कि वो डिंपल यादव के भी करीबी रहे हैं।

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दरअसल, नवाब सिंह यादव का यह सियासी रसूख ही था कि उसके खिलाफ अलग-अलग समय पर कुल 15 मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन कभी पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। यह मुकदमे बसपा, भाजपा, सपा शासन में लगते रहे। आरोप लगाया गया है कि नवाब सिंह यादव ने एक नाबालिग बच्ची को काम का झांसा देकर बुलाया था फिर उसके साथ बलात्कार की कोशिश की, लेकिन बच्ची ने किसी तरह खुद को बचा लिया। इसके बाद पीड़ित ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दे दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीति गर्मा गई है। बीजेपी ने इसके लिए सपा को आड़े हाथों लिया है। उधर, यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। राजभर का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उचित कार्रवाई की जाएगी। सपा नेता डीएनए टेस्ट की मांग कर रहे थे। कथित अयोध्या सामूहिक बलात्कार कांड के आरोपियों का भी यहां डीएनए टेस्ट कराना चाहिए। बीजेपी के सोशल मीडिया प्रमुख अमित मालवीय ने 'एक्स' पर लिखा- "अयोध्या के बाद अब कन्नौज में भी नाबालिग से रेप के प्रयास में सपा नेता गिरफ्तार। सपा सरकार के समय आरोपी नवाब सिंह यादव मिनी CM कहलाया जाता था। कन्नौज में डिंपल यादव के राइट हैंड और सांसद प्रतिनिधि के रूप में नवाब सिंह यादव की पहचान है।

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