Ranveer Singh: 'सेवा संकल्प अभियान' से जुड़े अभिनेता रणवीर सिंह, 1000 बालिकाओं की शिक्षा का उठाया जिम्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर अभिनेता रणवीर सिंह 'सेवा संकल्प अभियान' से जुड़े हैं। उन्होंने देश की 1000 बालिकाओं की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया है।
- PM Modi Birthday: प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रणवीर सिंह की अनूठी पहल, 1000 छात्राओं की पढ़ाई में करेंगे मदद
- Seva Sankalp Abhiyan: बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह ने लिया सेवा का संकल्प, बेटियों के सशक्तिकरण के लिए आगे आए
- रणवीर सिंह का बड़ा सामाजिक कदम: पीएम मोदी के जन्मदिन पर 1000 कन्याओं की शिक्षा का लिया संकल्प, फैंस ने सराहा
मुंबई। अपनी ऊर्जावान अभिनय शैली और अनूठे अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले प्रमुख बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने एक उल्लेखनीय सामाजिक पहल की ओर कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में देशभर में संचालित हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ते हुए रणवीर सिंह ने वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली 1000 बालिकाओं की स्कूली शिक्षा में पूर्ण सहयोग देने का औपचारिक संकल्प लिया है। अभिनेता के इस निर्णय की चारों तरफ सराहना हो रही है और इसे बालिका शिक्षा व महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को सेवा पखवाड़े और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विविध आयोजनों के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति, खिलाड़ी और कला जगत के सितारे जनसेवा से जुड़ी पहलों में अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं। रणवीर सिंह ने इस अवसर को एक ठोस और दूरगामी सामाजिक कार्य में बदलने का निर्णय लेते हुए बेटियों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी उठाई है।
1000 कन्याओं को मिलेगी शैक्षणिक सहायता
रणवीर सिंह द्वारा लिए गए इस संकल्प के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की 1000 छात्राओं को चिन्हित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से इन बालिकाओं के स्कूल की वार्षिक फीस, पाठ्यपुस्तकों, स्टेशनरी सामग्री, स्कूल यूनिफॉर्म और अन्य अनिवार्य शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अक्सर यह देखा जाता है कि सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के कारण कई मेधावी छात्राओं को प्राथमिक अथवा माध्यमिक स्तर पर ही पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ जाती है। अभिनेता की इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य ड्रॉप-आउट दर को कम करना और बालिकाओं को बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी स्कूली शिक्षा निरंतर जारी रखने में सक्षम बनाना है। इस परियोजना को जमीनी स्तर पर पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विश्वसनीय गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय शैक्षणिक ट्रस्टों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की भावना को मिला नया बल
समारोह और अभियान से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए यह रेखांकित किया गया कि एक शिक्षित बालिका न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि समूचे समाज और राष्ट्र के विकास में निर्णायक भूमिका निभाती है। केंद्र सरकार द्वारा बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की मूल भावना से प्रेरित होकर यह कदम उठाया गया है।
रणवीर सिंह ने हमेशा समाज के युवाओं और रचनात्मक तबके को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि वास्तविक उत्सव वही है जो किसी असहाय के जीवन में स्थायी प्रकाश ला सके। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर राजनीतिक नारों या भव्य आयोजनों के स्थान पर सेवा और शिक्षा को प्राथमिकता देना यह दर्शाता है कि आधुनिक दौर के युवा आइकॉन किस तरह अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को समझ रहे हैं।
हिंदी फिल्म उद्योग में कलाकारों द्वारा समाज कल्याण के कार्यों में योगदान देने की एक सुदीर्घ परंपरा रही है। चाहे स्वास्थ्य सेवा हो, आपदा राहत या बच्चों का पोषण सिने हस्तियों का जुड़ाव जनमानस को गहराई से प्रभावित करता है। रणवीर सिंह ने भी पूर्व में पर्यावरण संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न सामाजिक मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।
विशेष रूप से भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को आधिकारिक मान्यता दिलाने और मूक-बधिर समुदाय के अधिकारों के लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया था। अब 1000 बालिकाओं की औपचारिक शिक्षा का दायित्व संभालकर उन्होंने अपने परोपकारी कार्यों का दायरा और अधिक विस्तृत किया है।
- प्रशंसकों और प्रबुद्ध वर्ग ने की मुक्तकंठ से प्रशंसा
जैसे ही रणवीर सिंह के ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने और 1000 छात्राओं की पढ़ाई का संकल्प लेने की जानकारी सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया से लेकर सामाजिक संगठनों तक ने उनके इस कदम का पुरजोर स्वागत किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों प्रशंसकों ने इसे 'सच्ची सेवा' बताते हुए अभिनेता के प्रति आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब एक लोकप्रिय अभिनेता बालिकाओं की शिक्षा के समर्थन में आगे आता है, तो इससे समाज के आम नागरिकों, कॉरपोरेट घरानों और संपन्न परिवारों को भी प्रेरणा मिलती है कि वे अपने आसपास के अभावग्रस्त बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए योगदान दें। शिक्षा को विकास की सबसे बुनियादी सीढ़ी माना गया है और 1000 बालिकाओं के जीवन में यह हस्तक्षेप भविष्य में कई परिवारों को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकालने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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