Red Fort Independence Day Security: 15 अगस्त को लाल किले पर तैनात ऐप 'अभिज्ञान', ऑन द स्पॉट पहचानेगी संदिग्धों को
Independence Day Security: 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा में खास 'अभिज्ञान' ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। यह ऑन द स्पॉट संदिग्धों की पहचान करेगा।
- Independence Day 2026 Security: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की सुरक्षा संभालेगा 'अभिज्ञान' ऐप, सेकेंडों में होगी संदिग्धों की पहचान
- लाल किले की सुरक्षा में हाई-टेक 'अभिज्ञान' ऐप की एंट्री: 15 अगस्त को संदिग्धों की मौके पर ही होगी पहचान
- Red Fort Security Update: 15 अगस्त को लाल किले की सुरक्षा में विशेष 'अभिज्ञान' ऐप तैनात, रियल-टाइम में पकड़े जाएंगे असामाजिक तत्व
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की सुरक्षा अभेद्य बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने एक अत्याधुनिक तकनीक पर दांव लगाया है। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा बलों को एक खास एआई-संचालित (Artificial Intelligence) 'अभिज्ञान' ऐप से लैस किया जाएगा। यह एप्लिकेशन सुरक्षाकर्मियों के स्मार्टफोन में एक्टिव रहेगा और लाल किले के आसपास मौजूद भीड़ में से ऑन द स्पॉट यह विश्लेषण कर बता देगा कि कौन सा व्यक्ति संदिग्ध है और कौन नहीं। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य वीवीआईपी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी संभावित आतंकी या असामाजिक खतरे को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही बेअसर करना है।
देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह की मुख्य पृष्ठभूमि यानी लाल किले पर 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्र के नाम संबोधन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस विशाल और अति-संवेदनशील आयोजन की बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली में पहली बार स्मार्ट डिजिटल तकनीक 'अभिज्ञान' ऐप को आधिकारिक तौर पर मुख्य सुरक्षा घेरे में शामिल किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के जमीनी अधिकारियों को यह एप्लिकेशन मुहैया कराया गया है। यह ऐप रियल-टाइम में चेहरे की पहचान (Facial Recognition) और डेटाबेस मिलान के जरिए संदिग्धों, वांछित अपराधियों या ब्लैकलिस्टेड व्यक्तियों की मौके पर ही त्वरित जांच करने में सक्षम है।
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने लाल किले और उसके आसपास के बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे का पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है। सुरक्षा रणनीति के तहत ग्राउंड पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल उपकरणों में विशेष रूप से डिजाइन की गई 'अभिज्ञान' ऐप इंस्टॉल की गई है। इस ऐप का सर्वर सुरक्षा एजेंसियों के राष्ट्रीय डेटाबेस और आपराधिक रिकॉर्ड से सीधा जुड़ा हुआ है।
जब भी किसी प्रवेश द्वार, सुरक्षा जांच चौकी या भीड़भाड़ वाले इलाके में किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो ड्यूटी पर तैनात जवान अपने फोन से उस व्यक्ति की तस्वीर लेगा। 'अभिज्ञान' ऐप कुछ ही सेकेंडों में उस चेहरे का विश्लेषण कर डेटाबेस में मौजूद वांटेड अपराधियों, संदिग्ध आतंकियों या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के बायोमेट्रिक आंकड़ों से मिलान करेगी। यदि कोई रिकॉर्ड मैच होता है, तो ऐप तुरंत 'अलर्ट' जारी कर देगा, जिससे सुरक्षाकर्मियों को संबंधित व्यक्ति को ऑन द स्पॉट हिरासत में लेने का तात्कालिक आधार मिल जाएगा।
सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि 'अभिज्ञान' ऐप का इस्तेमाल पारंपरिक सुरक्षा जांच की तुलना में काफी तेज, सटीक और निष्पक्ष है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े आयोजनों में हजारों की संख्या में आमंत्रित अतिथि, वीवीआईपी और आम नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में हर संदिग्ध व्यक्ति का कागजी या मैनुअल सत्यापन करना समय साध्य होता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह ऐप केवल पूर्व-स्वीकृत और सत्यापित डेटाबेस पर काम करता है, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होगी। सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का सुरक्षा प्रोटोकॉल में एकीकरण न केवल त्वरित निर्णय लेने में मदद करता है, बल्कि सुरक्षा बलों की क्षमता को भी बहुगुणित कर देता है।
लाल किले पर 'अभिज्ञान' ऐप की तैनाती से 15 अगस्त की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा गुणात्मक बदलाव आया है। इससे सुरक्षा चौकियों पर जांच की गति तेज होगी और कतारों में लगने वाला समय घटेगा। किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या प्रतिबंधित सूची में शामिल व्यक्ति का भीड़ में छिपकर प्रवेश करना अब लगभग असंभव हो जाएगा।
इसके साथ ही, यह प्रणाली सुरक्षा एजेंसियों को मानवीय भूल से बचाती है और किसी भी अप्रिय स्थिति या घुसपैठ के प्रयास का तुरंत पता लगाने में मदद करती है। इस सफल प्रयोग के बाद भविष्य में देश के अन्य बड़े राष्ट्रीय आयोजनों, धार्मिक मेलों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और खेल आयोजनों में भी इस प्रकार के एआई-बेस्ड आइडेंटिफिकेशन एप्लिकेशंस का दायरा बढ़ाए जाने की पूरी संभावना है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व 13 अगस्त को होने वाली फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान 'अभिज्ञान' ऐप का व्यापक अंतिम परीक्षण और ड्राय-रन किया जाएगा। इसके जरिए जमीनी स्तर पर ऐप की नेटवर्क कनेक्टिविटी, सर्वर रिस्पॉन्स टाइम और डेटाबेस एक्यूरेसी को परखा जाएगा। 15 अगस्त की सुबह तक लाल किले के आंतरिक और बाहरी दोनों सुरक्षा वलयों में तैनात कमांडो व पुलिसकर्मी इस प्रणाली का उपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में अन्य संवेदनशील स्थानों जैसे आईजीआई एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और अंतर्राज्यीय बस अड्डों पर भी इस डिजिटल निगरानी नेटवर्क को समन्वयित किया जा रहा है।
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