Trainee IPS Rahul Bansal Bribery Case: ₹1 करोड़ घूस मामले में फंसे ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल, सीबीआई कोर्ट ने मांगा जवाब

Trainee IPS Rahul Bansal: छत्तीसगढ़ में तैनात ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल पर ₹1 करोड़ की घूस लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। दिल्ली सीबीआई अदालत ने रिपोर्ट तलब की है।

Aug 11, 2026 - 13:11
10 Views
Trainee IPS Rahul Bansal Bribery Case: ₹1 करोड़ घूस मामले में फंसे ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल, सीबीआई कोर्ट ने मांगा जवाब
  • IPS Rahul Bansal: छत्तीसगढ़ के ट्रेनी आईपीएस पर ₹1 करोड़ की रिश्वत का आरोप, दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई शुरू
  • ट्रेनिंग के दौरान ही ₹1 करोड़ की रिश्वत का गंभीर आरोप: जानिए कौन हैं छत्तीसगढ़ कैडर के विवादों में घिरे आईपीएस राहुल बंसल
  • Trainee IPS Corruption Case: ₹1 करोड़ घूस मामले में आईपीएस राहुल बंसल पर कसा शिकंजा, सीबीआई अदालत ने नोटिस टेकन रिपोर्ट मांगी

छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल 1 करोड़ रुपये की घूस मांगने और हवाला के जरिए लेनदेन करने के गंभीर आरोपों को लेकर कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू की विशेष सीबीआई अदालत ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच एजेंसियों से नोटिस टेकन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में सरगुजा जिले में अपनी प्रशिक्षण अवधि पूरी कर रहे आईपीएस राहुल बंसल पर आरोप है कि उन्होंने दो किस्तों में 50-50 लाख रुपये की राशि हवाला के जरिए ली थी। सीबीआई अदालत के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक और पुलिस लॉबी में हड़कंप मच गया है तथा मामले की न्यायिक पड़ताल तेज हो गई है।

छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा में प्रशिक्षण हासिल कर रहे वर्ष 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने संबंधित पक्ष से 1 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों को हवाला माध्यमों के जरिए स्थानांतरित किए जाने का दावा किया गया है। यह पूरा मामला जांच एजेंसियों के पास पहुंचने के बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष लाया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जांच प्राधिकारी से इस प्रकरण पर ली गई कार्रवाई की अद्यतन रिपोर्ट यानी 'नोटिस टेकन रिपोर्ट' अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मूल रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले राहुल बंसल का जन्म 26 जून 1994 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 2021 की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 377वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुना गया और छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया। वर्तमान में उनकी पदस्थापना छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में प्रशिक्षण अधिकारी के रूप में है।

मामले के घटनाक्रम के अनुसार, प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही उन पर एक मामले में अनुचित लाभ पहुंचाने के एवज में 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मांगने के आरोप लगे। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रिश्वत की रकम को छुपाने के लिए पारंपरिक नकद लेन-देन के बजाय अनधिकृत हवाला नेटवर्क का सहारा लिया गया, जिसके तहत 50-50 लाख रुपये की दो अलग-अलग किस्तों में राशि का भुगतान कराया जाना बताया गया। पीड़ित या शिकायतकर्ता द्वारा इस संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत दिल्ली स्थित विशेष सीबीआई अदालत के संज्ञान में लाया गया, जहां से अब अदालत ने आधिकारिक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी होने के कारण जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर विस्तृत ब्योरा साझा करने में संयम बरता है। हालांकि, विशेष सीबीआई अदालत के आदेश के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी पूरे साक्ष्यों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। दूसरी तरफ, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला अभी शुरुआती जांच और रिपोर्ट तलब करने के चरण में है, इसलिए निष्पक्ष जांच के आधार पर ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। पुलिस लॉबी में इस घटनाक्रम को लेकर काफी स्तब्धता है, क्योंकि आमतौर पर प्रशिक्षण अवधि के दौरान किसी ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी पर इस स्तर के गंभीर वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोप कम ही देखने को मिलते हैं।

ट्रेनी स्तर के किसी आईपीएस अधिकारी के खिलाफ इतने बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी और हवाला लेनदेन के आरोपों का मामला सामने आने से प्रशासनिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस घटनाक्रम से पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। इसके अतिरिक्त, युवा अधिकारियों के प्रशिक्षण और उनके आचरण पर कड़े प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर भी गृह मंत्रालय और कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने या अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई के आदेश होते हैं, तो संबंधित अधिकारी की सेवा स्थिति और कैडर निरंतरता पर भी विधिक संकट गहरा सकता है।

अब इस पूरे मामले में सबकी निगाहें राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत में प्रस्तुत होने वाली 'नोटिस टेकन रिपोर्ट' पर टिकी हुई हैं। जांच एजेंसी अपनी रिपोर्ट में इस बात का ब्योरा देगी कि प्राप्त शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर अब तक क्या विधिक कदम उठाए गए हैं। अदालत रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद यह तय करेगी कि क्या मामले में नियमित मामला (Regular Case) दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू की जाए अथवा आरोपी अधिकारी को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया जाए। निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।

Also Read- Noida Delivery Boy Fraud: ऑनलाइन पार्सल में हेरफेर करने वाले डिलीवरी बॉय गिरफ्तार, 75 लाख का सामान बरामद

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow