Sambhal News: 24 सितंबर को होगी ग्यारहवीं शरीफ, मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने दिया अमन-भाईचारे और शिक्षा का संदेश
ग्यारहवीं शरीफ को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने लोगों को मुबारकबाद देते हुए अमन, शांति, खुशहाली और भाईचारे
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: ग्यारहवीं शरीफ को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने लोगों को मुबारकबाद देते हुए अमन, शांति, खुशहाली और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सरकार गौस-ए-आज़म, हज़रत शेख अब्दुल कादिर जिलानी की ग्यारहवीं शरीफ 24 सितंबर को मनाई जाएगी।
मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने कहा कि ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर लोग नज़र-ओ-नियाज़, ज़िक्र और महफिलों का एहतमाम करते हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस मौके पर मुल्क में अमन-ओ-अमान, शांति और खुशहाली के लिए दुआ की जानी चाहिए और समाज में भाईचारा कायम रखने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौस-ए-आज़म की सीरत से जिंदगी जीने का तरीका सीखना चाहिए। पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार, बड़ों का अदब और छोटों के साथ शफकत उनकी शिक्षाओं से मिलने वाला संदेश है। मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने शिक्षा को समाज की ताकत बताते हुए कहा कि इल्म इंसान को स्वतंत्रता, अधिकार, हौसला और कुव्वत देता है, जबकि जहालत इंसान को मजबूर बनाती है। उन्होंने लोगों से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। ग्यारहवीं शरीफ मनाने के तरीके पर उन्होंने कहा कि लंगर का इंतजाम कर भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों को कपड़े दें, प्यासों को पानी पिलाएं, मरीजों की अयादत करें और गरीब-बेसहारा लोगों की मदद करें। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद और इंसानियत की सेवा के जरिए गौस-ए-आज़म की सीरत पर अमल किया जा सकता है।
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