Sambhal News: सम्भल में SBI पर गंभीर आरोप! MBBS एडमिशन के लिए रखे 7 लाख रुपये फ्रीज, 3 अक्टूबर तक फीस जमा नहीं हुई तो एडमिशन रद्द होने का खतरा
मानव विकास जन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नाजिम ने सिटी मजिस्ट्रेट से की शिकायत, बोले- बैंक में आए दिन घोटाले, प्रशासन कब लगाएगा अंकुश? 36 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: शहर के स्टेट बैंक में ग्राहकों के खाते और रकम कथित तौर पर फ्रीज किए जाने का मामला सामने आया है। MBBS में बेटे के एडमिशन के लिए जमा किए गए करीब 7 लाख रुपये खाते में फंसने से एक पिता की परेशानी बढ़ गई है। पीड़ित फारूक जमाल ने मानव विकास जन सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नाजिम के साथ सिटी मजिस्ट्रेट से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
डॉ. नाजिम ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन ग्राहकों को साइबर सेल का हवाला देकर खाते से रकम निकालने में असमर्थता जता रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक में व्यापारियों और अन्य ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, पहले भी बैंक में करोड़ों रुपये के घोटाले होने की बात सामने आई थी, लेकिन समस्याओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका। डॉ. नाजिम ने बताया कि एक छात्र MBBS की पढ़ाई के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहा है। उसके एडमिशन की फीस जमा करने के लिए रखे करीब सात लाख रुपये खाते में फंस गए हैं। उन्होंने बैंक मैनेजर से समाधान की मांग की, लेकिन मैनेजर ने असमर्थता जताई। पीड़ित फारूक जमाल ने बताया कि उनके बेटे का MBBS में एडमिशन हुआ है। फीस जमा करने के लिए उन्होंने करीब सात लाख रुपये खाते में डलवाए थे। बैंक की ओर से पहले लगातार टालमटोल की गई और बाद में बताया गया कि साइबर सेल के कारण खाता ब्लॉक कर दिया गया है। फारूक जमाल का कहना है कि खाते में रकम होने के बावजूद वह बेटे की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। कॉलेज में फीस जमा करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर थी, लेकिन काफी अनुरोध के बाद उन्हें 3 अक्टूबर तक का अतिरिक्त समय मिला है। उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित तारीख तक फीस जमा नहीं हुई तो बेटे का एडमिशन रद्द हो सकता है। डॉ. नाजिम के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट ने शिकायत सुनने के बाद मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया और कहा कि 24 से 36 घंटे के भीतर परिणाम सामने लाया जाएगा। वहीं, फारूक जमाल ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनका खाता 24 घंटे के भीतर अनब्लॉक हो जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि छात्र के एडमिशन की समयसीमा से पहले खाते में फंसी रकम निकल पाएगी या नहीं? फिलहाल शिकायतकर्ता बैंक प्रबंधन और प्रशासन से समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं। बैंक प्रबंधन और संबंधित साइबर सेल का पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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