Sitapur : जिला अस्पताल के विस्तार के लिए 120 साल पुराने नजूल पट्टे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमि वापस लेने की तैयारी

प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, ग्राम छावनी कदीम, परगना खैराबाद में स्थित नजूल भूखंड संख्या-1477 (जिसमें गाटा संख्या 547, 568, 569 और 570 शामिल हैं और कुल क्षेत्रफल 1.958 हेक्टेयर है) का पट्टा वर्ष 1906 में किया गया था। प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि सरकारी दस्तावेजों में इस पट्टे के नवीनीकरण या इसकी समय सीमा को बढ़ाने का कोई भी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

Jun 29, 2026 - 20:51
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Sitapur : जिला अस्पताल के विस्तार के लिए 120 साल पुराने नजूल पट्टे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमि वापस लेने की तैयारी
Sitapur : जिला अस्पताल के विस्तार के लिए 120 साल पुराने नजूल पट्टे पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमि वापस लेने की तैयारी

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर: जिला प्रशासन ने शहर के एक बेहद कीमती नजूल भूखंड से संबंधित करीब 120 वर्ष पुराने पट्टे को लेकर सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर की तरफ से इस मामले में एक सार्वजनिक सूचना और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके जरिए संबंधित पट्टाधारकों, उनके कानूनी वारिसों और दावेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए एक निश्चित समय दिया गया है।

प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस के मुताबिक, ग्राम छावनी कदीम, परगना खैराबाद में स्थित नजूल भूखंड संख्या-1477 (जिसमें गाटा संख्या 547, 568, 569 और 570 शामिल हैं और कुल क्षेत्रफल 1.958 हेक्टेयर है) का पट्टा वर्ष 1906 में किया गया था। प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि सरकारी दस्तावेजों में इस पट्टे के नवीनीकरण या इसकी समय सीमा को बढ़ाने का कोई भी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। नियमों के हवाले से बताया गया है कि निर्माण कार्य के उद्देश्य से दिया गया नजूल पट्टा अधिकतम 90 वर्षों के लिए ही वैध होता है। चूंकि यह पट्टा वर्ष 1906 का है, इसलिए कानूनी रूप से इसकी अवधि काफी पहले ही पूरी हो चुकी है।

इस बेशकीमती जमीन की जरूरत अब जिला अस्पताल के विस्तार और अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए बताई गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि तय समय के भीतर पट्टाधारकों की तरफ से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो सरकारी दस्तावेजों के आधार पर पट्टा रद्द कर दिया जाएगा। इसके बाद जमीन को दोबारा उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकार में लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिलाधिकारी ने संबंधित पक्षों को अपने दावे और साक्ष्य पेश करने का मौका दिया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई सिर्फ नजूल पट्टे की वैधता और उसे वापस लेने तक सीमित है, इसे किसी निजी मालिकाना हक का अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। प्रशासन ने इस नोटिस की कॉपियां संबंधित विभागों को भेजते हुए इसे समाचार पत्रों में छपवाने और मौके पर लगवाने के निर्देश दिए हैं।

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