Sitapur : नैमिषधाम में बेकाबू सांड के हमले से तीन लोग गंभीर रूप से घायल, नगर पालिका की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
चक्रतीर्थ क्षेत्र में बेकाबू सांड ने कई राहगीरों पर हमला किया और सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में तीर्थ क्षेत्र के रहने वाले 60 वर्षीय नब्बे कुमार और एक 11 वर्षीय बच्चा शिवा घायल हो गए। इसके अलावा अमजदपुर के मूल निवासी और वर्तमान में तेलियानी में रह रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु रामप्रसाद पर भी सांड ने अचानक हमला कर दिया।
रिपोर्ट: सुरेंद्र मोठी INA NEWS, संवाददाता नैमिषारण्य
सीतापुर: सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल नैमिषारण्य की तंग गलियों में एक बेकाबू सांड के आतंक से स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। सांड के हमले की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों को अपने परिवार के बच्चों और बुजुर्गों के प्रति सचेत रहने की अपील की। नैमिषारण्य में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु गोमती नदी के राजघाट पर स्नान कर चक्रतीर्थ, बाबा भूतेश्वर महादेव और मां ललिता देवी के दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन अक्सर बड़ी दुर्घटना होने के बाद ही सचेत होता है।
चक्रतीर्थ क्षेत्र में बेकाबू सांड ने कई राहगीरों पर हमला किया और सड़क किनारे खड़े वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में तीर्थ क्षेत्र के रहने वाले 60 वर्षीय नब्बे कुमार और एक 11 वर्षीय बच्चा शिवा घायल हो गए। इसके अलावा अमजदपुर के मूल निवासी और वर्तमान में तेलियानी में रह रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग श्रद्धालु रामप्रसाद पर भी सांड ने अचानक हमला कर दिया। सांड ने उन्हें अपने सींगों से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर बुजुर्ग को सांड के चंगुल से बचाया और नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल सीतापुर के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तुरंत मिश्रिख नैमिषारण्य नगर पालिका को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही नगर पालिका कर्मचारी कल्लू की टीम, बिजली विभाग के लाइनमैन दीपू, मनोज और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर सांड की घेराबंदी शुरू की। काफी मशक्कत के बाद सांड को रस्सियों से बांधकर काबू में किया गया और उसे पास की गौशाला में अन्य मवेशियों से अलग सुरक्षित स्थान पर बांधा गया। सांड के पकड़े जाने के बाद स्थानीय दुकानदारों और तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे अन्य आवारा जानवरों को भी जल्द पकड़ा जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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