सीतापुर: पत्रकार पर मामला दर्ज होने के विरोध में ऐप्जा ने खोला मोर्चा, एसडीएम को मांग पत्र देकर दी अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
सीतापुर में पत्रकार पर दर्ज मामले को लेकर ऐप्जा ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। निष्पक्ष जांच न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर जिले की लहरपुर तहसील में ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) के नेतृत्व में पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखी हैं। लहरपुर, सकरन और तंबौर क्षेत्र के पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी लहरपुर को एक मांग पत्र सौंपकर सकरन थाने में दर्ज प्राथमिक रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच और प्रकरण को वापस लेने की मांग की है।
पत्रकारों का आरोप है कि बी-पैक्स समिति से जुड़े एक समाचार के प्रकाशन के बाद उपजी रंजिश के कारण पत्रकार सतीश सिंह को झूठे मामले में उलझाने की कोशिश की गई है। संगठन का कहना है कि समाचार निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं, जिनकी तकनीकी जांच से स्थिति पूरी तरह साफ हो सकती है।
संगठन ने प्रशासन को एक तय समय सीमा का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि समय रहते न्यायसंगत कदम नहीं उठाए गए, तो तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आंदोलन और प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। मांग पत्र में पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने, सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्डिंग जैसे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराने और जांच पूरी होने तक किसी भी निर्दोष के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही संगठन ने मांग की है कि यदि जांच में मामला रंजिशवश पाया जाता है तो इसे तत्काल निरस्त किया जाए और गलत शिकायत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो। यदि इस प्रक्रिया में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध मिलती है तो उनके खिलाफ भी प्रशासनिक कदम उठाए जाएं। मांग पत्र हासिल करने के बाद उपजिलाधिकारी धामिनी एस. दास ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर एक सप्ताह में निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय पत्रकार और संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
What's Your Reaction?




