सीतापुर: सही सड़कों पर फिर बिछी डामर, टूटे रास्तों की अनदेखी पर उठे सवाल; मुख्यमंत्री से जांच की मांग
सीतापुर नगर पालिका क्षेत्र में अच्छी सड़कों पर दोबारा डामरीकरण और जर्जर रास्तों की उपेक्षा पर उठे सवाल। आजाद अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और आजाद अधिकार सेना ने आरोप लगाया है कि बेहतर स्थिति वाली सड़कों पर तो दोबारा डामरीकरण करा दिया गया, जबकि वर्षों से टूटी-फूटी पड़ी सड़कें आज भी अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं।
शिकायत के अनुसार हसन अली चौराहे से घंटाघर और लालबाग चौराहे से घंटाघर जाने वाले मार्ग पहले से ही अच्छी हालत में थे। इसके बावजूद इन सड़कों पर दोबारा डामर बिछा दिया गया, जबकि शहर की कई बेहद खराब सड़कों की सुध तक नहीं ली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां काम की जरूरत थी, वहां ध्यान देने के बजाय ठीक-ठाक रास्तों पर बजट खर्च किया जा रहा है।
आजाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक और राज्य मंत्री राकेश राठौर 'गुरु' द्वारा लोक निर्माण विभाग और डूडा को खराब सड़कों की मरम्मत के लिए पहले पत्र लिखे जाने के बावजूद उन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि यदि बेहतर रास्तों पर बेवजह बजट खर्च हुआ है और जर्जर सड़कों को छोड़ा गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। संगठन ने मांग की है कि प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए शहर के सभी खराब रास्तों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि आम लोगों का आवागमन आसान हो सके।
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