सीतापुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.08 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 10 करोड़ से ज्यादा की धनराशि तय
सीतापुर राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,08,392 वादों का आपसी सुलह से निस्तारण हुआ। 10.62 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि तय हुई और 27 जोड़े साथ रहने को राजी हुए।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर मुकदमों के निस्तारण का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आयोजन का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष आशीष जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और विभिन्न प्रशासनिक विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आरंभ में समाज कल्याण विभाग और जिला प्रोबेशन कार्यालय द्वारा चिन्हित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त कारागार के बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल का भी न्यायिक अधिकारियों ने अवलोकन किया, जबकि परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर का भी संचालन हुआ।
लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी और पारिवारिक विवादों के साथ-साथ प्रशासनिक मामलों में भी व्यापक स्तर पर राहत दी गई। अपर जिला न्यायाधीशों के न्यायालयों से 353 मामलों का निस्तारण हुआ, जबकि परिवार न्यायालय के प्रयासों से 135 वैवाहिक विवाद सुलझाए गए। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 102 प्रकरणों में आपसी सहमति बनाते हुए 6 करोड़ 1 लाख 37 हजार 853 रुपये का प्रतिकर तय किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अन्य अधीनस्थ अदालतों के माध्यम से 6,073 वाद निस्तारित किए गए। वहीं जिला उपभोक्ता आयोग ने 12 मामलों में उपभोक्ताओं के पक्ष में 18 लाख 2 हजार 992 रुपये की धनराशि तय की।
राजस्व और विकास से जुड़े प्रकरणों में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई, जहां राजस्व न्यायालयों ने 61,197 वादों का निस्तारण किया। जिला विकास अधिकारी स्तर पर 83,171, जिला पूर्ति अधिकारी स्तर पर 7,019 और स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 27,681 लाभार्थियों के प्रकरणों को सहमति से हल किया गया। बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दायर प्री-लिटिगेशन मामलों में 1,488 प्रकरणों का समाधान कराते हुए 10 करोड़ 26 लाख 90 हजार 200 रुपये की वसूली और समझौता कराया गया। विशेष बात यह रही कि पारिवारिक विवादों के समाधान के तहत 27 अलग रह रहे दंपतियों ने मनमुटाव भुलाकर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक यादव के अनुसार, इस अभियान में न्यायिक, राजस्व और प्रशासनिक विभागों को मिलाकर कुल 2,08,392 मामलों का शांतिपूर्ण ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया गया। सभी प्रकरणों को मिलाकर कुल 10 करोड़ 62 लाख 81 हजार 933 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जिससे वर्षों से मुकदमेबाजी का सामना कर रहे हजारों परिवारों को लंबी अदालती प्रक्रियाओं से हमेशा के लिए मुक्ति मिली।
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