यूपी के वकीलों को 5 लाख तक मुफ्त इलाज का तोहफा, सहारनपुर में अधिवक्ताओं ने फैसले का किया स्वागत
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं को सालाना 5 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और कल्याण निधि बढ़ाने के फैसले का सहारनपुर में वकीलों ने जोरदार स्वागत किया।
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से शासन द्वारा प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्णय का कानूनी जगत ने व्यापक स्वागत किया है। इस कल्याणकारी योजना के साथ ही अधिवक्ता कल्याण निधि की अनुग्रह धनराशि को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने और दिवंगत वकीलों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक मदद की पात्रता आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष किए जाने पर विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह का वातावरण है।
पूर्व शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तथा सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने शासन के इस संवेदनशील निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से न्यायिक व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले वकीलों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग उठाई जा रही थी। उन्होंने बल देकर कहा कि इस लोककल्याणकारी निर्णय का धरातल पर क्रियान्वयन भी उतनी ही तत्परता से सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद अधिवक्ताओं और उनके परिजनों को समय पर उपचार का वास्तविक लाभ मिलना शुरू हो सके।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योजना के प्रशासनिक एवं तकनीकी दिशा-निर्देश शीघ्र सार्वजनिक होने चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकृत सभी विधि व्यवसायियों को बिना किसी शर्त के इसमें सम्मिलित किया जाएगा अथवा पात्रता के लिए कोई विशेष वर्गीकरण निर्धारित होगा। इस ऐतिहासिक घोषणा का समर्थन करते हुए अमरीश पुंडीर, अभय सैनी, राजेंद्र चौहान, नितिन शर्मा, राजकुमार ढींगरा, मुनव्वर आफताब, निशांत त्यागी, सौरभ जैन, रमन गुप्ता, संदीप पुंडीर, रोहित सैनी, शाह आलम, पार्थ सक्सेना, उदय जैन, निशा जैन और अदीब सहित बड़ी संख्या में उपस्थित वकीलों ने इसे अधिवक्ता वर्ग के हित में उठाया गया युगांतरकारी कदम बताया।
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