UP NEET UG Counselling 2026: दूसरे चरण का संशोधित शेड्यूल जारी, 21 सितंबर से शुरू होगी च्वाइस फिलिंग

UP NEET UG 2026 राउंड 2 काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी। 21 से 24 सितंबर तक च्वाइस फिलिंग, 25 को सीट आवंटन परिणाम। राउंड 1 के प्रवेश पर नहीं पड़ेगा असर।

By INA News Desk
Sep 20, 2026 - 23:12
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UP NEET UG Counselling 2026: दूसरे चरण का संशोधित शेड्यूल जारी, 21 सितंबर से शुरू होगी च्वाइस फिलिंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल व डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) पाठ्यक्रमों की स्टेट कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए जारी यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग के दूसरे चरण का संशोधित कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGME), उत्तर प्रदेश द्वारा जारी अद्यतन समय-सारिणी के अनुसार, दूसरे चरण की ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग प्रक्रिया 21 सितंबर से विधिवत शुरू होगी। छात्र आधिकारिक पोर्टल के जरिए निर्धारित समय सीमा में अपने पसंदीदा कॉलेजों और पाठ्यक्रमों का विकल्प भर सकेंगे।

महानिदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्टेट मेरिट के आधार पर दूसरे राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और पूर्व निर्धारित आरक्षण नियमों के तहत संचालित की जाएगी। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते च्वाइस लॉकिंग की प्रक्रिया पूरी कर लें।

दूसरे चरण की संशोधित तिथियां और समय-सारिणी

चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय द्वारा जारी अधिकृत विवरण के अनुसार, द्वितीय चरण की राज्य मेरिट सूची 21 सितंबर 2026 को पोर्टल पर सार्वजनिक की जाएगी। इसके तुरंत बाद पात्र अभ्यर्थी कॉलेज और सीट प्राथमिकताओं का ऑनलाइन चयन कर सकेंगे।

  • च्वाइस फिलिंग की शुरुआत: 21 सितंबर 2026 (अपराह्न 2:00 बजे से)

  • विकल्प भरने की अंतिम तिथि: 24 सितंबर 2026 (पूर्वाह्न 11:00 बजे तक)

  • सीट आवंटन परिणाम घोषणा: 25 सितंबर 2026

  • आवंटन पत्र डाउनलोड एवं प्रवेश प्रक्रिया: 26 सितंबर से 01 अक्टूबर 2026 तक

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को द्वितीय चक्र में सीटें आवंटित की जाएंगी, उन्हें 1 अक्टूबर तक नोडल केंद्रों पर उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

प्रथम चरण में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों का दाखिला सुरक्षित

संशोधित कार्यक्रम जारी होने के साथ ही उन अभ्यर्थियों की असमंजस की स्थिति भी दूर हो गई है, जिन्होंने पहले चरण की काउंसलिंग के तहत विभिन्न सरकारी या निजी संस्थानों में पहले ही दाखिला ले लिया है। महानिदेशालय ने शासनादेश के हवाले से स्पष्ट किया है कि प्रथम राउंड के तहत प्रवेश पा चुके विद्यार्थियों की सीटें पूरी तरह यथावत और सुरक्षित रहेंगी।

यदि कोई विद्यार्थी अपनी सीट अपग्रेड कराने के उद्देश्य से दूसरे चक्र में प्रतिभाग कर रहा है, तो उसे नियमों के अधीन च्वाइस सबमिट करनी होगी। यदि दूसरे चक्र में नई सीट आवंटित होती है, तो पूर्व सीट स्वतः रिक्त होकर अगले चरण के पूल में शामिल हो जाएगी। वहीं, जिन्हें नई सीट आवंटित नहीं होगी, उनका पूर्व प्रवेश पूरी तरह मान्य रहेगा।

चार राजकीय मेडिकल कॉलेज फिलहाल काउंसलिंग से बाहर

काउंसलिंग के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर शासन ने यह भी साफ किया है कि प्रदेश के चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों को दूसरे और आगामी चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया से फिलहाल अलग रखा गया है। यह निर्णय इन कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था और सीटों के वर्गीकरण से जुड़े उन मामलों के दृष्टिगत लिया गया है, जो वर्तमान में इलाहाबाद उच्च न्यायालय तथा देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में विचाराधीन हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, न्यायिक स्तर पर इन प्रकरणों में जो भी अंतिम फैसला या अंतरिम निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के आधार पर इन चार मेडिकल कॉलेजों की सीटों के संबंध में अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक उपलब्ध शेष राजकीय और मान्यता प्राप्त निजी मेडिकल संस्थानों की रिक्त सीटों पर ही आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रदेश में मेडिकल सीटों का परिदृश्य और नियम

उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों के दौरान जिला स्तरीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और विस्तार के चलते एमबीबीएस और बीडीएस सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। नीट यूजी स्टेट कोटे की 85 प्रतिशत सीटों पर दाखिले की जिम्मेदारी राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण के पास होती है, जबकि शेष 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत भरी जाती हैं।

महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों को सचेत किया है कि वे अनाधिकृत स्रोतों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। च्वाइस फिलिंग करते समय कॉलेजों की फीस संरचना, बॉन्ड की शर्तें और हॉस्टल व्यवस्था की जानकारी भली-भांति जांच लें। निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस संरचना शासन द्वारा पूर्व निर्धारित मानकों के अनुसार ही लागू होगी।

आधिकारिक पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर

किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या अथवा प्रवेश नियमों से संबंधित स्पष्टीकरण के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विशेष हेल्पलाइन डेस्क स्थापित की है। अभ्यर्थी कार्यदिवसों में प्रातः 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे के मध्य निर्धारित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

अभ्यर्थियों को काउंसलिंग से जुड़े सभी आधिकारिक आदेशों, मेरिट लिस्ट और सीट मैट्रिक्स की जांच के लिए विभागीय वेबसाइटों upneet.gov.in तथा dgme.up.gov.in पर नियमित रूप से नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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