UP PM Unity Mall: लखनऊ, आगरा और वाराणसी में तेजी से बन रहे पीएम यूनिटी मॉल, स्थानीय उत्पादों और शिल्पकारों को मिलेगा वैश्विक बाजार
यूपी के आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेज गति से चल रहा है। 6 मंजिला इन मॉल्स में 100 से ज्यादा दुकानें होंगी, जिससे ओडीओपी और जीआई उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।
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उत्तर प्रदेश में स्थानीय शिल्पकला, पारंपरिक उद्योगों और विशिष्ट क्षेत्रीय उत्पादों को एक संगठित और बड़ा बाजार देने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल (PM Unity Mall) का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के हस्तशिल्प, हथकरघा, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) और भौगोलिक उपदर्शन (GI-Tag) प्राप्त उत्पादों को एक ही छत के नीचे स्थायी बिक्री, ब्रांडिंग और प्रदर्शन का आधुनिक मंच उपलब्ध कराना है। छह-छह मंजिला इन मॉल्स के माध्यम से स्थानीय शिल्पकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को बिचौलियों के बिना सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने का सशक्त अवसर मिलेगा।
पारंपरिक कारीगरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी
आधुनिक बाजार की चुनौतियों के कारण संघर्ष कर रहे पारंपरिक उद्योगों को दोबारा प्रतिस्पर्धी और लाभदायक बनाने की दिशा में यूनिटी मॉल एक रणनीतिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इस पहल के जरिए न केवल कारीगरों की आजीविका को सुरक्षा मिल रही है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को स्वदेशी की नई पहचान के साथ बड़े खुदरा प्रारूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
परियोजना के तहत तैयार होने वाले इन परिसरों में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रमुख उत्पादों के लिए समर्पित आउटलेट होंगे। इससे पर्यटकों और घरेलू उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और औद्योगिक विविधता का अनुभव मिलेगा। मॉल में आधुनिक विपणन व्यवस्था, पैकेजिंग सहायता और डिजिटल लेन-देन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे स्थानीय कारीगर बड़े व्यावसायिक नेटवर्क से सीधे जुड़ सकेंगे।
आगरा शिल्पग्राम में 128 करोड़ से आकार ले रहा मॉल
पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक महत्व रखने वाले ताजनगरी आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर 128.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पीएम यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए तकनीकी निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना में बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी और आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के खंभों (कॉलम) एवं रिटेनिंग वॉल की आरसीसी का कार्य 100 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। छह मंजिला इस मॉल में कुल 135 दुकानें स्थापित की जाएंगी। इस परिसर का निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। यहां आगरा के लेदर गुड्स और मार्बल इनले वर्क के अलावा फिरोजाबाद के कांच उद्योग, मथुरा-वृंदावन के ब्रज कालीन हस्तशिल्प और नजदीकी जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा।
वाराणसी में काशी की समृद्ध विरासत को मिलेगा आधुनिक मंच
धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी क्षेत्र में 1.46 एकड़ भूमि पर लगभग 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना स्थल पर डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन से जुड़ा निर्माण कार्य निरंतर प्रगति पर है।
छह मंजिलों वाले इस परिसर में कुल 111 व्यावसायिक दुकानों का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। यहां विश्वप्रसिद्ध बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के पारंपरिक खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, रुद्राक्ष मालाओं और काशी क्षेत्र के अन्य हस्तशिल्पों को स्थायी आउटलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की नियमित आवाजाही के कारण यह केंद्र स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों के लिए आय संवर्धन का प्रमुख माध्यम बनेगा।
अवध शिल्पग्राम लखनऊ में 64 करोड़ से हो रहा विकास
प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यप्रगति के ब्योरे के अनुसार, दुकानों में फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क (ईंटों की चिनाई) और लिफ्ट लगाने का कार्य वर्तमान में तेजी से चल रहा है।
छह मंजिला इस इमारत में कुल 139 आधुनिक दुकानें बनाई जा रही हैं। लखनऊ का यह मॉल आगामी अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। यहां अवध क्षेत्र की पहचान मानी जाने वाली चिकनकारी, जरी-जरदोजी, मिट्टी के बर्तनों और राज्यभर के कृषि आधारित प्रोसेस्ड उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्थान आरक्षित किया जाएगा।
तीनों शहरों के पीएम यूनिटी मॉल: एक नजर में
| शहर | स्थान | क्षेत्रफल | लागत (करोड़ रु.) | फ्लोर | कुल दुकानें | संभावित पूर्णता अवधि |
| आगरा | शिल्पग्राम क्षेत्र | 11.53 एकड़ | 128.85 | 6 | 135 | नवंबर 2026 |
| वाराणसी | गंगानगर कॉलोनी | 1.46 एकड़ | 154.71 | 6 | 111 | दिसंबर 2026 |
| लखनऊ | अवध शिल्पग्राम | 4.86 एकड़ | 64.00 | 6 | 139 | अक्टूबर 2026 |
राज्यभर के 75 जिलों और पर्यटन को सीधा लाभ
पीएम यूनिटी मॉल केवल वाणिज्यिक केंद्र नहीं होंगे, बल्कि ये सांस्कृतिक संगम स्थल के रूप में भी विकसित किए जा रहे हैं। इन मॉल्स में फूड कोर्ट, पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल, कला दीर्घाएं और कारीगरों के लिए लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे, जहां पर्यटक खुद शिल्पकारों को सामान बनाते हुए देख सकेंगे।
आर्थिक जानकारों के अनुसार, जब कारीगरों को एक संगठित मंच मिलता है, तो उनकी वित्तीय निर्भरता बिचौलियों पर कम हो जाती है और उत्पादों का उचित मूल्य सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचता है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल से ग्रामीण अंचल के पारंपरिक शिल्पकारों, महिला क्लस्टरों और छोटे उद्यमियों को सीधे तौर पर बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।
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