ग्रेटर नोएडा में यूपी रेरा के 53वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण का आगाज, 41 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा
यूपी रेरा ने ग्रेटर नोएडा के एनआईईटी परिसर में 53वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने पारदर्शिता व दक्षता पर दिया जोर।
उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) द्वारा संपत्ति बाजार में पेशेवर दक्षता, नियामकीय अनुपालन और निष्पक्ष कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के क्रम में 53वें रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। चार दिवसीय इस विशेष सत्र का शुभारंभ ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी संस्थान परिसर में हुआ, जिसका समन्वय छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के शैक्षणिक सहयोग से किया जा रहा है। इस नवीनतम सत्र में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे 41 अभ्यर्थी सहभागिता कर रहे हैं, जो प्रशिक्षण व परीक्षा के उपरांत प्रमाणित रियल एस्टेट एजेंट के रूप में पंजीकृत हो सकेंगे।
कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करते हुए यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में अचल संपत्ति के बाजार को अधिक जिम्मेदार, पारदर्शी और संगठित स्वरूप देने के लिए मध्यस्थों का नियमों से भलीभांति परिचित होना अनिवार्य है। इस दिशा में अनिवार्य प्रशिक्षण और प्रमाणन की व्यवस्था मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रशिक्षण के जरिए अभ्यर्थियों को रेरा अधिनियम की बारीकियों, कानूनी प्रावधानों और प्राधिकरण की कार्यशैली की विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वे प्रमोटरों और आम खरीदारों के बीच एक जिम्मेदार सेतु के रूप में कार्य कर सकें।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त विसंगतियों का सीधा प्रभाव आम निवेशकों और आवास खरीदारों पर पड़ता रहा है। प्राधिकरण के गठन के उपरांत जवाबदेही तय करने और कार्यप्रणाली में स्पष्टता लाने के प्रयासों से खरीदारों के हितों की रक्षा हुई है और इस क्षेत्र के प्रति जनविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशिक्षण सत्र समाप्त होने के बाद आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही आधिकारिक प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा, जो पंजीयन के लिए अनिवार्य अर्हता है।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण विधिक पहलुओं से अवगत कराया। राजस्व वसूली अधिकारी अंशुमान सिंह ने रेरा अधिनियम की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश के प्रासंगिक नियमों की विस्तृत व्याख्या की। इसके उपरांत अमरीश कुमार ने एजेंटों के पंजीकरण, नवीनीकरण, निलंबन और अर्थदंड से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डाला, जबकि विनय अग्रहरी ने ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग और तकनीकी संचालन की प्रक्रिया समझाई।
प्रदेश में रियल एस्टेट मध्यस्थों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में 52 बैच सफलतापूर्वक संचालित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों में अब तक 3,600 से अधिक पंजीकरण हुए हैं और 2,260 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया है। प्राधिकरण द्वारा 49वें बैच तक के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं, जिसके आधार पर अब तक 2,071 अभ्यर्थी सफल होकर प्रमाणित एजेंट का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। उद्घाटन के मौके पर मुख्यालय लखनऊ और ग्रेटर नोएडा परिसर से कई वरिष्ठ प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।
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