UP Sugarcane Payment: यूपी में 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान, पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 फीसदी बकाया निपटा

यूपी के पेराई सत्र 2025-26 में 102 चीनी मिलों ने किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। प्रदेश में अब तक 94.86% गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है।

By INA News Desk
Sep 16, 2026 - 22:52
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UP Sugarcane Payment: यूपी में 102 चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान, पेराई सत्र 2025-26 में 94.86 फीसदी बकाया निपटा

  • गन्ना किसानों के खाते में रिकॉर्ड धनराशि: 23 सहकारी मिलों ने दिए ₹2820 करोड़, योगी सरकार में अब तक 3.25 लाख करोड़ का भुगतान

  • UP Cane Farmers News: चीनी और एथेनॉल उत्पादन में नंबर वन बना उत्तर प्रदेश, संभागवार आंकड़ों में लखनऊ और मुरादाबाद सबसे आगे

  • यूपी में गन्ना मूल्य भुगतान की रफ्तार तेज: राज्य चीनी निगम और निजी मिलों ने निपटाए बकाए, किसानों की आय में प्रति हेक्टेयर बड़ा उछाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी उपज के त्वरित मूल्य भुगतान की दिशा में राज्य सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के तहत बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की जा रही निरंतर प्रशासनिक मॉनिटरिंग और कड़े दिशा-निर्देशों के चलते प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने गन्ना किसानों का शत-प्रतिशत (100 फीसदी) भुगतान पूरा कर दिया है। प्रदेश भर में वर्तमान पेराई सत्र के दौरान अब तक 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक भेजा जा चुका है।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग द्वारा जारी आधिकारिक समीक्षा के मुताबिक, सहकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों की मिलों ने भुगतान के मामले में उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश के भीतर गन्ना उत्पादन, शीरा उत्पादन और एथेनॉल निर्माण में शीर्ष पायदान पर बरकरार है। प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक गन्ना किसानों को संचयी रूप से रिकॉर्ड 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रत्यक्ष भुगतान किया जा चुका है, जो देश के किसी भी राज्य द्वारा किया गया सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान है।

सहकारी चीनी मिलों ने रचा इतिहास: 23 मिलों ने बांटे ₹2820.89 करोड़

सहकारी क्षेत्र की इकाइयों ने समयबद्ध भुगतान के मानकों को पूरा करते हुए पेराई सत्र 2025-26 में सौ फीसदी बकाया चुकता कर मिसाल कायम की है। प्रदेश भर में स्थापित कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने मिलकर किसानों को 2,820.89 करोड़ रुपये का पूर्ण भुगतान हस्तांतरित कर दिया है। इन सहकारी मिलों की संयुक्त दैनिक पेराई क्षमता 65,375 टीसीडी (टन क्रश पर डे) दर्ज की गई है।

पूर्ण भुगतान करने वाली इन 23 प्रमुख सहकारी इकाइयों में अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर और तिलहर शामिल हैं। वहीं राज्य चीनी निगम द्वारा संचालित तीन मिलों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस सत्र में 543.51 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को निर्बाध रूप से किया है।

निजी मिलों का संभागवार प्रदर्शन: लखनऊ और मुरादाबाद संभाग सबसे आगे

निजी क्षेत्र की मिलों ने भी पेराई सत्र 2025-26 में अपनी पेराई क्षमता के अनुरूप विशाल धनराशि का निपटान किया है। संभागवार विश्लेषण पर नजर डालें तो लखनऊ और मुरादाबाद संभाग के गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों में सर्वाधिक धनराशि बांटी गई है।

अयोध्या संभाग की मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान का लक्ष्य हासिल करते हुए 1,212.35 करोड़ रुपये जारी किए। लखनऊ संभाग की मिलों ने सर्वाधिक 6,462.19 करोड़ रुपये (91.34%) का भुगतान सुनिश्चित किया, जबकि मुरादाबाद संभाग की मिलें 98.96 फीसदी के शानदार स्तर के साथ 6,398.36 करोड़ रुपये चुकाने में सफल रहीं।

सहारनपुर संभाग में 4,799.25 करोड़ रुपये (94.64%) और मेरठ संभाग में 4,227.24 करोड़ रुपये (94.09%) किसानों को प्राप्त हुए। अन्य संभागों में देवीपाटन ने 2,249.01 करोड़ रुपये (91.63%), बरेली ने 2,315.74 करोड़ रुपये (89.25%), देवरिया ने 1,016.95 करोड़ रुपये (97.86%) और गोरखपुर संभाग ने 749.97 करोड़ रुपये (93.46%) का भुगतान पूर्ण किया।

संभागवार भुगतान तालिका (पेराई सत्र 2025-26)

संभाग भुगतान प्रतिशत कुल भुगतान राशि
अयोध्या 100% ₹1,212.35 करोड़
मुरादाबाद 98.96% ₹6,398.36 करोड़
देवरिया 97.86% ₹1,016.95 करोड़
सहारनपुर 94.64% ₹4,799.25 करोड़
मेरठ 94.09% ₹4,227.24 करोड़
गोरखपुर 93.46% ₹749.97 करोड़
देवीपाटन 91.63% ₹2,249.01 करोड़
लखनऊ 91.34% ₹6,462.19 करोड़
बरेली 89.25% ₹2,315.74 करोड़

9 वर्षों में 9220 लाख टन गन्ने की रिकॉर्ड पेराई

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बीते नौ वर्षों की अवधि में उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी पेराई दर्ज की है। इस दौरान प्रदेश में कुल 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की गई, जिसके परिणामस्वरूप 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ।

इसकी तुलना यदि पूर्ववर्ती नौ वर्षों की समयावधि से की जाए, तो उस दौरान मात्र 6,168 लाख टन गन्ने की पेराई हो सकी थी। वर्तमान व्यवस्था में 3,052 लाख टन अधिक गन्ने की पेराई संभव हुई है, जो राज्य में गन्ने के रकबे, पैदावार और मिलों की बढ़ी हुई दक्षता का प्रमाण है।

किसानों की आय में प्रति हेक्टेयर ₹40,720 का इजाफा

समय पर भुगतान, पर्ची वितरण में डिजिटाइजेशन (ई-गन्ना ऐप), बिचौलियों की समाप्ति और उन्नत किस्म के बीजों के वितरण के चलते राज्य के गन्ना कृषकों की आर्थिक स्थिति में ठोस सुधार आया है। विभागीय आकलन के अनुसार, इन सुधारात्मक नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में 40,720 रुपये प्रति हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि आंकी गई है।

चीनी उत्पादन के साथ-साथ डिस्टिलरीज और एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के विस्तार ने भी चीनी मिलों की लिक्विडिटी (तरलता) को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे मिलें समय पर किसानों का बकाया चुकता करने में सक्षम हो पा रही हैं। शेष बकाए के त्वरित निस्तारण के लिए भी जिला प्रशासन और जिला गन्ना अधिकारियों (डीसीओ) को लगातार निर्देशित किया जा रहा है।

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