Seva Sankalp Abhiyan: यूपी में 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान', 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचेगी सरकार

उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलेगा। 4.19 करोड़ परिवारों, 15.74 करोड़ लाभार्थियों और 12 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी सरकार।

By INA News Desk
Sep 16, 2026 - 22:49
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Seva Sankalp Abhiyan: यूपी में 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान', 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंचेगी सरकार

  • योगी सरकार की नई पहल: 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए 12 कार्यक्रमों से जुड़ेगा प्रदेश, 25 लाख लाभार्थियों की सफलता की कहानियां होंगी डिजिटल

  • UP News: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा राज्यव्यापी सेवा संकल्प अभियान, ब्लॉक स्तर पर लगेंगे 'सेवा सेतु' शिविर

  • Seva Sankalp Abhiyan UP: आशीर्वाद का दीया से लेकर सुशासन संवाद तक, जानिए योगी सरकार के महीने भर चलने वाले महाअभियान का पूरा खाका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनसामान्य तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने, सुशासन के मानकों को सुदृढ़ करने और विकास के जमीनी प्रभावों को प्रदर्शित करने के लिए योगी सरकार एक व्यापक राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में 'सेवा संकल्प अभियान' संचालित किया जाएगा। पूरे एक महीने तक चलने वाले इस सघन अभियान का केंद्रीय उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों के अनुभवों को सामने लाना और राज्य की जनता को 'विकसित भारत-2047' के राष्ट्रीय विजन से जोड़ना है।

अभियान के सफल संचालन और निगरानी के लिए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके मार्गदर्शन में शासन स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था बनाई गई है, जिससे प्रशासनिक अमला और जनभागीदारी एक साथ मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा और विस्तार कर सकें। इस महाभियान के माध्यम से केंद्र सरकार के 12 वर्षों और उत्तर प्रदेश सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकासात्मक कार्यों के परिवर्तनकारी असर को रेखांकित किया जाएगा।

4.19 करोड़ परिवार और 15.74 करोड़ लाभार्थियों का बनेगा डेटा बैंक

'सेवा संकल्प अभियान' के दायरे को अत्यंत व्यापक और समावेशी बनाया गया है। राज्य सरकार ने इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर के 4.19 करोड़ परिवारों और कुल 15.74 करोड़ लाभार्थियों को सीधे जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस विशाल जनसांख्यिकी को संतुलित रूप से शामिल करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का स्पष्ट वर्गीकरण किया गया है:

  • ग्रामीण क्षेत्र: प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में 3.51 करोड़ परिवारों के 13.01 करोड़ लाभार्थियों को अभियान के सीधे संपर्क में लाया जाएगा।

  • शहरी क्षेत्र: नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के तहत 0.68 करोड़ परिवारों के 2.73 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।

योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों का एक व्यवस्थित त्रिस्तरीय डिजिटल डेटा बैंक भी तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में सामाजिक सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी लाभों का वितरण बिना किसी तकनीकी अड़चन के पारदर्शी तरीके से जारी रह सके।

12 प्रमुख कार्यक्रमों से तैयार की गई अभियान की रूपरेखा

महीने भर चलने वाले इस आयोजन को केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित न रखकर 12 विशिष्ट जनोन्मुखी गतिविधियों में विभाजित किया गया है। इनमें 'आशीर्वाद का दीया', 'मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा', 'नमो सेवा-अनकही कहानियां', 'आंगन मिलन सेवा', 'सेवा की कहानी', 'सेवा ज्योति कलश यात्रा', 'वडनगर से वाराणसी यात्रा', 'सेवा मेरा योगदान', 'सेवा सेतु अभियान', 'सेवा के रंग, राष्ट्र के संग', 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' और 'सुशासन सेवा संवाद' शामिल हैं।

अभियान की औपचारिक शुरुआत 17 सितंबर को 'सेवा दिवस-आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी। इस दिन शाम 7:00 बजे प्रदेश भर के नागरिकों से अपने घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर दीप प्रज्वलन कर सेवा और विकसित भारत के संकल्प के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया गया है। पहले दिन अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण, वृहद रक्तदान शिविरों का आयोजन, विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक टूल किट वितरण और प्रमुख अवस्थापना परियोजना स्थलों पर दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम होंगे।

चित्रकला प्रतियोगिता से लेकर डिजिटल कहानियों तक: युवाओं की भागीदारी

विद्यार्थियों और युवाओं को रचनात्मक रूप से जोड़ने के लिए 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 'मेरे सपनों का भारत: चित्र सेवा' का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए चित्रकला के साथ-साथ भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। उच्च शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में वाद-विवाद व विचार गोष्ठियों का आयोजन होगा। जिला स्तर पर चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों को 7 अक्टूबर को राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाएगा, जहां उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री के डिजिटल हस्ताक्षर युक्त प्रमाण-पत्र और पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

जनचेतना को आधुनिक डिजिटल स्वरूप देने के लिए 'सेवा की कहानी' डिजिटल एवं रील अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आवास, विद्यालय, पंचायत भवन, पुस्तकालय, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, इनलैंड पोर्ट, मेट्रो, आरआरटीएस और विश्वविद्यालयों से लाभान्वित 25 लाख नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर 60 सेकंड की लघु डिजिटल रील्स तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त 'नमो सेवा-अनकही कहानियां' के तहत हर जिले में 18 से 20 कलाकारों की सांस्कृतिक टोलियां गठित होंगी, जो प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सात-सात नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक मंचनों के जरिए जनकल्याणकारी नीतियों का संदेश पहुंचाएंगी।

आंगन मिलन सेवा और सेवा ज्योति कलश यात्रा

महिला एवं बाल विकास को केंद्र में रखते हुए 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 'आंगन मिलन सेवा' उत्सव आयोजित होगा। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय संवाद कार्यक्रम होंगे, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा बहुओं और अनुकरणीय माताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान 'हेल्दी बेबी शो' का आयोजन होगा और बच्चों को कॉमिक बुक्स, खिलौने, अतिरिक्त पोषाहार व शिक्षण सामग्री बांटी जाएगी।

7 अक्टूबर को 'सेवा ज्योति कलश यात्रा' निकाली जाएगी, जिसमें प्रमुख चौराहों पर कलश स्थापित कर नागरिक रैलियों के जरिए विकसित भारत का संकल्प लेंगे। वहीं सांस्कृतिक और ऐतिहासिक एकता को दर्शाने के लिए 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के मध्य 'वडनगर से वाराणसी यात्रा' निकाली जाएगी, जिसमें प्रदेश की 10 पवित्र नदियों का जल लेकर टोलियां काशी से गुजरात के वडनगर तक जाएंगी और रास्ते के जनपदों में चौपाल व लघु फिल्मों का प्रदर्शन होगा।

सेवा सेतु शिविर: मौके पर ही होगा सत्यापन और समाधान

अभियान का सबसे व्यावहारिक पहलू 'सेवा सेतु अभियान' होगा। इसके तहत प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) और नगर निकाय स्तर पर 5 से 7 दिनों के बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों की विशेषता यह होगी कि नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही छत के नीचे विभिन्न योजनाओं के नए आवेदन, पात्रता सत्यापन, त्रुटि सुधार और स्वीकृतियां प्रदान की जाएंगी।

शिविरों में व्यापक स्वास्थ्य मेले लगेंगे, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग और उपकरण वितरण शिविर आयोजित होंगे और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही 'सेवा मेरा योगदान' के तहत नागरिकों को रक्तदान, पौधरोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, अंगदान और वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल साक्षरता जैसी 25 समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिसमें प्रत्येक विधानसभा में कम से कम दो सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प करने का लक्ष्य रखा गया है।

1.25 लाख जनप्रतिनिधि लेंगे विकसित भारत का संकल्प

अभियान का समापन 17 अक्टूबर को 'सुशासन सेवा संवाद' के साथ होगा। इस अंतिम दिन प्रदेश के लगभग 1.25 लाख ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, नगर निकायों के अध्यक्ष, पार्षद और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एक साथ जुड़कर सेवा एवं सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे और सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गायन के साथ विकसित भारत-2047 का संकल्प लेंगे। समापन के अवसर पर ऐतिहासिक स्मारकों पर आधुनिक लेजर शो और प्रमुख शक्तिपीठों व तीर्थस्थलों पर विशेष अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।

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