Zirakpur Crime News: जीरकपुर के पालम एन्क्लेव में दिव्यांग व्यक्ति से पर्स और मोबाइल छीना, नकदी व दस्तावेज लेकर भागे बदमाश
जीरकपुर के पालम एन्क्लेव में बाइक सवार दो बदमाशों ने दिव्यांग व्यक्ति से पर्स और मोबाइल फोन छीन लिया। पर्स में नकदी व जरूरी दस्तावेज थे। पुलिस जांच में जुटी।
- जीरकपुर में दिनदहाड़े स्नैचिंग: पालम एन्क्लेव में दिव्यांग सुरिंदर पाल का पर्स और फोन झपटकर बाइक सवार फरार, पुलिस में शिकायत
- जीरकपुर के पालम एन्क्लेव में बाइक सवार बदमाशों ने दिव्यांग को बनाया निशाना, नकदी, फोन और दस्तावेज छीने
- जीरकपुर: पालम एन्क्लेव में दिव्यांग व्यक्ति से पर्स और मोबाइल फोन की स्नैचिंग, बाइक सवार दो अज्ञात युवकों के खिलाफ शिकायत
पंजाब के मोहाली जिले के अंतर्गत आने वाले जीरकपुर कस्बे में दिनदहाड़े झपटमारी की वारदात सामने आई है। पालम एन्क्लेव क्षेत्र में बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने एक दिव्यांग व्यक्ति को उस समय निशाना बनाया जब वह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहे थे। बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने पीड़ित के हाथ से पर्स और मोबाइल फोन छीना और तेज रफ्तार में फरार हो गए। छीने गए पर्स में 5 हजार रुपये की नकदी, क्रेडिट कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र तथा अन्य जरूरी आधिकारिक दस्तावेज मौजूद थे। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने संबंधित पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज करने और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लूटी गई सामग्री बरामद करने की मांग की है।
- सुबह के समय पालम एन्क्लेव में हुई वारदात
पीड़ित की पहचान सुरिंदर पाल के रूप में हुई है, जो जरनैल एन्क्लेव में एक शिक्षण संस्थान (इंस्टीट्यूट) संचालित करते हैं। उन्होंने घटना का विवरण देते हुए बताया कि रोजमर्रा की तरह वह सुबह करीब 10 बजे अपने घर से संस्थान के लिए रवाना हुए थे। अभी वह पालम एन्क्लेव की सड़क पर कुछ ही दूरी तक पहुंचे थे कि पीछे की तरफ से एक मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात युवक तेजी से आए।
सड़क पर सामान्य आवाजाही के बीच इससे पहले कि सुरिंदर पाल कुछ समझ पाते या सतर्क हो पाते, पीछे बैठे युवक ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से पर्स छीन लिया। उसी दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। झपटमारी की यह घटना इतनी अप्रत्याशित और तेज गति से हुई कि पीड़ित को संभलने का कोई अवसर नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद बाइक चालक ने वाहन की गति बढ़ाई और दोनों आरोपी गलियों के रास्ते मुख्य सड़क की ओर भाग निकले।
- शारीरिक अक्षमता के चलते पीछा करने में असमर्थ रहे पीड़ित
घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि पीड़ित सुरिंदर पाल शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और उन्हें सामान्य रूप से चलने-फिरने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर झपटमारी के मामलों में पीड़ित शोर मचाते हैं या मौके पर हमलावरों का पीछा करने का प्रयास करते हैं, लेकिन शारीरिक सीमाओं के कारण सुरिंदर पाल के लिए आरोपियों के पीछे भाग पाना संभव नहीं था।
अचानक हुए इस हमले के झटके के कारण वह सड़क पर ही खड़े रह गए। उन्होंने बताया कि जिस तेजी से बाइक सवार आए और हमला करके भागे, उससे स्पष्ट था कि बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे या उन्होंने एक असहाय व्यक्ति को देखकर तुरंत मौके का फायदा उठाया। जब तक आसपास के लोग आवाज सुनकर मौके पर पहुंचते, बाइक सवार आंखों से ओझल हो चुके थे।
- छीने गए पर्स में थे नकदी, क्रेडिट कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज
पीड़ित की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में दर्ज कराया गया है कि छीने गए पर्स में केवल नकदी का ही नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि उनके कई संवेदनशील और अपूरणीय दस्तावेज भी चले गए हैं। पर्स के भीतर 5 हजार रुपये की नकद राशि रखी हुई थी, जो उन्हें रोजमर्रा के संस्थान संबंधी खर्चों के लिए चाहिए थी। इसके साथ ही बैंक का क्रेडिट कार्ड भी उसी पर्स में मौजूद था।
वित्तीय नुकसान के अतिरिक्त सबसे बड़ी परेशानी उनके पहचान पत्रों के खो जाने से हुई है। सुरिंदर पाल के अनुसार, पर्स में उनका सरकार द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate), पहचान पत्र (ID Card) तथा अन्य महत्वपूर्ण कानूनी और व्यक्तिगत कागजात रखे हुए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर ही वह अपने दैनिक कार्यों, बैंकिंग और चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ उठाते रहे हैं। पीड़ित ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि इन दस्तावेजों का गलत हाथों में पड़ना उनके लिए पहचान के दुरुपयोग का भी जोखिम पैदा कर सकता है।
पालम एन्क्लेव और जरनैल एन्क्लेव क्षेत्र में दिन के उजाले में हुई इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रोष और भय का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के भीतर सुबह 10 बजे इस तरह की झपटमारी होना यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्वों के भीतर कानून और व्यवस्था का कोई डर नहीं रह गया है।
इलाके के निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से आसपास के रिहायशी इलाकों में बाइक सवार संदिग्ध युवकों की आवाजाही बढ़ी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पालम एन्क्लेव, जरनैल एन्क्लेव और इनसे जुड़ने वाले आंतरिक मार्गों पर पुलिस पीसीआर और राइडर्स की गश्त बढ़ाई जाए। विशेषकर सुबह और शाम के उन घंटों में जब महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर निकलते हैं, तब सुरक्षा बलों की दृश्य उपस्थिति अनिवार्य की जानी चाहिए।
- पुलिस को दी गई लिखित शिकायत
वारदात के उपरांत पीड़ित सुरिंदर पाल ने स्थानीय पुलिस थाने पहुंचकर औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत को रिकॉर्ड में लेते हुए प्रारंभिक छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस दल द्वारा घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों का निरीक्षण किया जा रहा है।
मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस पालम एन्क्लेव के उस मार्ग पर स्थित घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की तैयारी कर रही है, जहां से बाइक सवार गुजरे थे। जांच अधिकारियों का प्राथमिक उद्देश्य बाइक के मेक, मॉडल और उसके पंजीकरण नंबर (रजिस्ट्रेशन प्लेट) की पहचान करना है, ताकि आरोपियों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
भौगोलिक दृष्टि से जीरकपुर चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला के सीमावर्ती संगम पर स्थित होने के कारण अत्यधिक यातायात और तेजी से बढ़ती आबादी वाला उपनगर है। यहां कई नई रिहायशी कॉलोनियां और एन्क्लेव विकसित हुए हैं, जिनमें कई प्रवेश और निकास मार्ग खुले रहते हैं। आपराधिक तत्व अक्सर वारदात को अंजाम देने के बाद इन आंतरिक गलियों का फायदा उठाकर तुरंत मुख्य हाईवे या अंतर्राज्यीय सीमाओं की ओर निकल जाते हैं।
सुरिंदर पाल के मामले में अब मुख्य दारोमदार पुलिस की त्वरित तकनीकी जांच पर है। पीड़ित और उनके परिजनों ने मांग की है कि क्रेडिट कार्ड और मोबाइल फोन के संभावित सर्विलांस के जरिए आरोपियों को शीघ्र चिन्हित किया जाए, ताकि छीने गए आवश्यक दस्तावेज और नकदी बरामद हो सके। स्थानीय समुदाय ने भी स्पष्ट किया है कि यदि ऐसे मामलों में सख्त और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय स्तर पर असुरक्षा की भावना और अधिक गहराएगी।
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