UP News: ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहने पर ट्रांसफर! मौलाना वसी अशरफ बोले- यह बहुत गलत, संविधान देता है मजहबी आजादी का हक
बुशरा बानो के ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहने के बाद ट्रांसफर किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर मौलाना
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: बुशरा बानो के ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहने के बाद ट्रांसफर किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर मौलाना वसी अशरफ ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने ट्रांसफर की कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था के मुताबिक बोलने और रहने का अधिकार देता है।
मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ है, लेकिन दूसरी तरफ उनके नीचे काम करने वाले लोग इस तरह की कार्रवाई क्यों कर रहे हैं, यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोग अपनी बात की शुरुआत ‘राम-राम’ से करते हैं, कोई ‘जय भीम’ कहता है और अलग-अलग क्षेत्रों में लोग अपनी मान्यताओं के अनुसार अभिवादन करते हैं। इसी तरह मुसलमान जब अपनी बात शुरू करता है तो ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहना उसकी सामान्य धार्मिक अभिव्यक्ति है। मौलाना ने सवाल उठाया कि आखिर ‘अस्सलामु अलैकुम’ कहने में ऐसी क्या परेशानी थी? उनके मुताबिक बुशरा बानो ने किसी की धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचाई और न ही किसी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि महज इस तरह का अभिवादन करने पर ट्रांसफर किया जाना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से लोगों के मन में गलत विचार पैदा होते हैं और सामाजिक स्तर पर परेशानियां बढ़ सकती हैं। मौलाना वसी अशरफ ने प्रशासन से इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता बरतने की बात कही है।
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