देवबंद में गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व श्रद्धा से मना, 8.66 लाख मूल मंत्र पाठ की सामूहिक अरदास

देवबंद के गुरुद्वारा गुरु नानक सभा में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रथम प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया। 40 दिनों में हुए 8.66 लाख मूल मंत्र पाठ की सामूहिक अरदास हुई।

By INA News Desk
Sep 13, 2026 - 20:58
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देवबंद में गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व श्रद्धा से मना, 8.66 लाख मूल मंत्र पाठ की सामूहिक अरदास

देवबंद (सहारनपुर)। गुरुद्वारा गुरु नानक सभा में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रथम प्रकाश पर्व धार्मिक उल्लास, श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर बीते चालीस दिनों से संगत द्वारा निरंतर किए जा रहे मूल मंत्र के कुल आठ लाख 66 हजार पाठ पूर्ण होने पर गुरु चरणों में सामूहिक अरदास की गई। भव्य दीवान में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरबाणी का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

समारोह के दौरान गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सचिव गुरजोत सिंह सेठी ने संगत को संबोधित करते हुए ऐतिहासिक संदर्भ साझा किए। उन्होंने बताया कि पंचम पातशाह गुरु अरजन देव ने अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब में आदि ग्रंथ का प्रथम प्रकाश कराया था। आगे चलकर दसवें पातशाह गुरु गोबिंद सिंह ने इसमें गुरु तेग बहादुर की बाणी को सम्मिलित कर समूची मानवता के मार्गदर्शन के लिए गुरु ग्रंथ साहिब को ही शाश्वत गुरु के रूप में मान्यता प्रदान करने का पावन आदेश दिया। उन्होंने चालीस दिनों तक पूरी निष्ठा और संयम के साथ जप साधना में भाग लेने वाली संगत के प्रति आभार प्रकट किया।

धार्मिक आयोजन में भाई धर्म सिंह और दशमेश कीर्तनी जत्थे ने अपनी सुरीली आवाज में शबद कीर्तन और गुरबाणी गायन प्रस्तुत कर उपस्थित साध संगत को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में सचिन छाबड़ा, चंद्रदीप सिंह, श्याम लाल भारती, हर्ष भारती, राजपाल नारंग, विपिन नारंग, चन्नी बेदी, हर्षप्रीत मनचंदा, गुरविंदर सिंह छाबड़ा, अमित रसवंत, देवेंद्र पाल सिंह, सुमित उप्पल, जितेश बतरा, इंद्रजीत राणा, अमन सेठी, युवराज सिंह, प्रिंस कपूर और हर्ष नारंग सहित बड़ी संख्या में सिख समुदाय व शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समापन पर गुरु का अटूट लंगर संगत में वितरित किया गया।

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