Hardoi News: हरदोई में जिला स्तरीय एचआईवी प्रशिक्षण कार्यशाला, स्वास्थ्य अधिकारियों को एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की दी गई जानकारी
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (यूपीएसएसीएस) एवं
हरदोई: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (यूपीएसएसीएस) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई)के संयुक्त सहयोग से राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय, हरदोई के सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आयोजन जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. नौमान उल्लाह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरुष अस्पताल डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल डॉ सुबोध कुमार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद सचान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र श्रीवास्तव, उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रदीप कश्यप, जिला प्रोग्राम मैनेजर सुजीत सिंह, एचआईवी टीवी समन्वयक डॉ. जावेद खान तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ. नीतू गुप्ता, प्रसाद संत कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट ,(पीएचएफआई) कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर नीरज श्रीवास्तव (पीएचएफआई ) तथा पुष्कर सिंह, क्लस्टर प्रोग्राम मैनेजर द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
- कार्यशाला का उद्देश्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा अधिकारियों एवं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) के उद्देश्यों, रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा जिला स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अद्यतन जानकारी एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करना रहा।
- प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान एचआईवी/एड्स की वर्तमान स्थिति, 95-95-99 लक्ष्य, जिला स्तर की एचआईवी महामारी, एनएसीपी की संरचना, (डिस्ट्रिक्ट एड्स कंट्रोल ऑफिसर्स), डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड स्ट्रेटेजी फॉर एचआइवी /एड्स मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा एचआईवी एवं एसटीआई की स्क्रीनिंग, एचआईवी परामर्श एवं परीक्षण सेवाएं, एसटीआई/सिफलिस प्रबंधन, एलिमिनेशन ऑफ़ वर्टिकल ट्रांसमिशन ऑफ़ एचआइवी एंड सिफिलिस, टीबी एवं एचआईवी -टीबी सह-संक्रमण, वायरल लोड मॉनिटरिंग, यू =यू अवधारणा, हाई रिश्क ग्रुप(एचआरजीएस), टार्गेटेड इंटरवेंशन्स(टीआई), (ओपियाड सब्स्ट्यूशन थेरेपी) तथा समुदाय आधारित एचआईवी रोकथाम सेवाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को एचआईवी & एड्स (रिवेंशन एंड कंट्रोल) एक्ट, 2017 के प्रमुख कानूनी प्रावधानों, एचआईवी से संबंधित भेदभाव की रोकथाम तथा अधिकार-आधारित दृष्टिकोण के बारे में भी जानकारी दी गई।प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी एवं सहभागी बनाने के लिए केस स्टडी, प्रस्तुतीकरण, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक गतिविधियों का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को जिला स्तर पर एचआइवी सेवाओं के प्रबंधन एवं समन्वय की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिली।
- प्रशिक्षण के प्रमुख परिणाम
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों की एनएसीपी संबंधी जानकारी एवं व्यावहारिक क्षमता को मजबूत किया गया। विशेष रूप से प्रतिभागियों को एचआइवी की रोकथाम, शीघ्र पहचान, जांच, उपचार, एआरटी से जोड़ने, वायरल लोड मॉनिटरिंग, एचआइवी -टीबी सेवाओं के एकीकरण तथा रेफरल एवं फॉलो-अप के संबंध में बेहतर समझ प्राप्त हुई। साथ ही, जिला स्वास्थ्य प्रणाली के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय एवं कन्वर्जेन्स स्थापित करने तथा एचआइवी सेवाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी रूप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के अंत में पोस्ट-ट्रेनिंग असेसमेंट एवं प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें जिला स्तर पर एचआईवी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के माध्यम से चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को जिला स्तर पर एचआइवी कार्यक्रम की योजना, क्रियान्वयन, निगरानी एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेन्स के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान किया गया। इससे राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के निर्धारित उद्देश्यों तथा 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में हरदोई जिले के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है।
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