हरदोई में अंडा फैक्ट्री से फैली मक्खियों से 20 गांवों में हाहाकार, संक्रामक बीमारियों के डर से उग्र आंदोलन की चेतावनी
हरदोई के हयातगंज में अंडा फैक्ट्री से पैदा हुई मक्खियों ने 20 गांवों का जीना दूभर किया। संक्रामक बीमारियों की आशंका के बीच ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
रिपोर्ट : मुकेश सिंह सोमवंशी
अंडा फैक्ट्री की मक्खियों से हरदोई के 20 गांवों में बढ़ा बीमारियों का खतरा, समाधान न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अतरौली और भरावन क्षेत्र के अंतर्गत नेवादा-भटपुर मार्ग स्थित हयातगंज गांव के समीप संचालित एक अंडा फैक्ट्री आसपास के क्षेत्र के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। इस संयंत्र से निकलने वाली गंदगी और लाखों की संख्या में पनप रही मक्खियों ने आसपास के लगभग 20 गांवों के निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि घरों में बैठना, खाना बनाना और दैनिक कामकाज करना बेहद दुष्कर हो चुका है। प्रशासनिक उपेक्षा से क्षुब्ध ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का अविलंब निस्तारण नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि दिन-रात अनगिनत मक्खियां रसोई, दुकानों और खाद्य सामग्रियों पर डेरा जमाए रहती हैं, जिससे पूरे इलाके में सैनिटेशन और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। स्थानीय निवासी श्रीराम साहू ने बताया कि संयंत्र की स्थापना के समय ही ग्रामीणों ने इसके दुष्प्रभावों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिया था, लेकिन किसी भी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके परिणाम स्वरूप आज स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है।
गंदगी और मक्खियों के प्रकोप से इलाके में बीमारियों का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। ग्रामीण सलाहुद्दीन अंसारी के अनुसार क्षेत्र में टायफाइड और बुखार के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, साथ ही पेचिश, हैजा और अन्य गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
वहीं आशीष पाण्डेय ने जानकारी दी कि हयातगंज, प्रहलादखेड़ा, शिवपुरी, गोटैया, बंगालपुर, चमरखेड़ा, महेसुआ, पिपरी, नरायनपुर, जुगराजपुर, हन्नीखेड़ा, भोगीपुर और हज्जीपुर सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों की आबादी इस गंभीर समस्या की चपेट में है।
स्थानीय निवासी ओमकार पांडे और अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संयंत्र के कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मक्खियों की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभाव से कीटनाशक छिड़काव और निरोधात्मक उपाय किए जाएं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इस जनसमस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो सभी प्रभावित गांवों के लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
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