Hardoi : गोंडाराव बाजार में यूरिया खाद की किल्लत, किसानों से दोगुनी कीमत वसूली

शराफत अली ने बताया कि सुबह और शाम के समय दुकानदार खाद को ऊंची कीमत पर बेचते हैं। किसान खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी उचि

By INA News Desk
Aug 17, 2025 - 23:04
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Hardoi : गोंडाराव बाजार में यूरिया खाद की किल्लत, किसानों से दोगुनी कीमत वसूली
गोंडाराव बाजार में यूरिया खाद की किल्लत, किसानों से दोगुनी कीमत वसूली

हरदोई : अहिरोरी विकास खंड के गोंडाराव बाजार में यूरिया खाद की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में कुछ दुकानदार यूरिया खाद को 600 रुपये प्रति बोरी की दर से बेच रहे हैं, जबकि इसकी सरकारी कीमत 268 रुपये प्रति 50 किलोग्राम की बोरी निर्धारित है। इस महंगी कीमत के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गोंडाराव निवासी और समाजवादी पार्टी यूथ के नेता शराफत अली ने बताया कि स्थानीय दुकानदार गुलशन कश्यप, आशीष वर्मा, सुनील पाल और सचिन वर्मा जैसे लोग बिना लाइसेंस के यूरिया खाद बेच रहे हैं। ये दुकानदार किसानों से दोगुने से अधिक दाम वसूलकर उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।

शराफत अली ने बताया कि सुबह और शाम के समय दुकानदार खाद को ऊंची कीमत पर बेचते हैं। किसान खाद के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी उचित दाम पर यूरिया नहीं मिल रही। कई किसानों को अपनी फसलों के लिए जरूरी खाद न मिलने के कारण चिंता सता रही है। यूरिया खाद फसलों की वृद्धि के लिए अहम है, क्योंकि यह पौधों को नाइट्रोजन प्रदान करता है, जो पत्तियों के विकास और फसल की पैदावार बढ़ाने में मदद करता है। खाद की कमी से फसलों की वृद्धि रुक सकती है और पैदावार में कमी आ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा।

स्थानीय किसानों का कहना है कि गोंडाराव बाजार में कुछ दुकानदार न केवल महंगे दाम पर खाद बेच रहे हैं, बल्कि कई बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर किसानों को परेशान करते हैं। शराफत अली ने आरोप लगाया कि ये दुकानदार जानबूझकर कालाबाजारी कर रहे हैं और जिला प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि कई दुकानदारों के पास खाद बेचने का वैध लाइसेंस भी नहीं है, फिर भी वे बिना किसी रोक-टोक के किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

यह समस्या केवल गोंडाराव बाजार तक सीमित नहीं है। हाल के समय में उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में यूरिया खाद की कमी की खबरें सामने आई हैं। कर्नाटक में भी किसानों ने खाद की किल्लत और ऊंची कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। वहां दुकानदारों पर स्टॉक छिपाने और कालाबाजारी करने के आरोप लगे हैं। हरदोई में भी किसानों का कहना है कि खाद की आपूर्ति में कमी और अनियमित वितरण व्यवस्था के कारण यह संकट पैदा हुआ है। कुछ किसानों ने बताया कि सरकारी दुकानों पर भी खाद की उपलब्धता कम है, जिसके कारण उन्हें निजी दुकानदारों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

शराफत अली ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गोंडाराव बाजार में कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि बिना लाइसेंस के खाद बेचने वालों की जांच हो और किसानों को उचित दाम पर खाद उपलब्ध कराई जाए।

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