Hindi Diwas 2026: अमित शाह बोले- हिंदी किसी भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं, भारतीय भाषाओं के बीच संवाद की महत्वपूर्ण कड़ी
नई दिल्ली। हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए
नई दिल्ली। हिंदी दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हिंदी और सभी भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। हर भाषा अपने साथ इतिहास, लोकपरंपरा और जीवन-दृष्टि लेकर चलती है। अमित शाह ने कहा कि हिंदी ने देश के विभिन्न वर्गों और समुदायों को जोड़ने में संपर्क एवं संवाद की भाषा के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिंदी का विकास तभी सार्थक है, जब वह सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान के साथ आगे बढ़े। हिंदी किसी भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि भारतीय भाषाओं के बीच आत्मीय संवाद और राष्ट्रीय एकात्मता की महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदी को जन-संवाद की भाषा बनाने में उन महापुरुषों का बड़ा योगदान रहा, जिनकी मातृभाषा हिंदी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी मातृभाषा भी गुजराती है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदी उन्हें सामान्यजन से सीधे जोड़ती है।
- स्वतंत्रता आंदोलन में भारतीय भाषाओं की भूमिका
गृह मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वराज, स्वदेशी और स्वभाषा के विचारों ने राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा दी। हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं ने जन-जागरण, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। हालांकि, स्वतंत्रता के बाद स्वभाषा, स्वसंस्कृति और स्वाभिमान के विषय को अपेक्षित महत्व नहीं मिला।
- नई शिक्षा नीति और तकनीक से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृभाषा को शिक्षा के केंद्र में रखा गया है। इंजीनियरिंग और चिकित्सा की पढ़ाई भारतीय भाषाओं में हो रही है तथा प्रतियोगी परीक्षाएं भी कई भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में भारतीय भाषाओं के पिछड़ने की आशंका थी, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुवाद तकनीक ने भाषा की दीवारों को कम किया है। राजभाषा विभाग का AI आधारित ‘भारती’ टूल भारतीय भाषाओं के बीच संवाद को सहज बना रहा है। वहीं ‘हिंदी शब्द सिंधु’ डिजिटल शब्दकोश में 8.27 लाख से अधिक प्रविष्टियां उपलब्ध हैं।
- युवाओं से अपनी भाषा न छोड़ने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से दुनिया की अधिक से अधिक भाषाएं सीखने की अपील करते हुए कहा कि अपनी भाषा को नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ मातृभाषा में संवाद करने का आग्रह किया। अमित शाह ने कहा कि भाषा हमें मां, मिट्टी, इतिहास और संस्कृति से जोड़ती है। उन्होंने हिंदी और सभी भारतीय भाषाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की यात्रा का सशक्त माध्यम बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया और देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
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