Hardoi: वैवाहिक विवादों के प्री-लिटिगेशन निस्तारण व महिला अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला
हरदोई (संडीला)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई द्वारा शुक्रवार को तहसील संडीला स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैवाहिक मामलों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर निस्तारण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता तथा महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव काव्या सिंह के निर्देशन में हुआ। तहसील विधिक सेवा समिति संडीला के सचिव/तहसीलदार अमित यादव के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की अध्यक्षता प्रियंका मिश्रा ने की। लीगल एड क्लीनिक की वंदना कुमारी ने महिलाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि वैवाहिक विवादों का समाधान प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सहमति से कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रत्येक महिला को समानता एवं सम्मान का अधिकार प्राप्त है।
शिविर में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए दो वर्ष तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बाल विवाह की सूचना पुलिस अथवा न्यायिक मजिस्ट्रेट को दी जा सकती है। पीएलवी राम मूर्ति ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता टोल फ्री नंबर 15100 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता की जानकारी दी। शिविर में विद्यालय की शिक्षिकाएं, छात्राएं एवं अन्य उपस्थितजन मौजूद रहे।
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