Lucknow : नैमिषारण्य धाम पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 14.09 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत

जयवीर सिंह ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि नैमिषारण्य को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में स्थापित किया जाए। यहां विकसित होने वाली सुविधाएं न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार

By INA News Desk
Apr 8, 2026 - 23:05
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Lucknow : नैमिषारण्य धाम पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 14.09 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत
Lucknow : नैमिषारण्य धाम पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए 14.09 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत
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यह परियोजना वेद आधारित थीम पर ‘वेदारण्यम’के रूप में विकसित की जाएगी- जयवीर सिंह

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नैमिषारण्य धाम को वेद आधारित थीम पर 14.09 करोड़ रूपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना हेतु स्वीकृत धनराशि में से 7.04 करोड़ रूपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित यह परियोजना आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक भारतीय ज्ञान के समन्वय का मिला-जुला रूप होगी। श्रद्धालुओं को यहां आने पर विशिष्ट प्रकार का अनुभव प्राप्त होगा। इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।  

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैमिषारण्य तीर्थ धाम का विकास 0 मुख्यमंत्री के र्गदर्शन में कराया जा रहा है। यह स्थल उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन एवं भ्रमण करने आते है। उत्तर भारत में नैमिषराण्य एक प्रमुख धार्मिक स्थलों मे से एक हैं। पर्यटन विभाग इसकों दिव्य एवं भव्य रूप देने के साथ ही स्थल पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की योजना बनाई है। परियोजना में ‘वेद वन’ की अवधारणा के तहत चारों वेद- ऋगवेद, यजुर्वेद, साम और अथर्ववेद के आधार पर अलग-अलग सेक्शन तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही पंचवृक्ष, आयुर्वेद, नक्षत्र और ‘संसार’ जैसे थीम आधारित क्षेत्र विकसित होंगे। आगंतुकों के लिए ऑडियो-गाइडेड ट्री ट्रेल भी तैयार किया जाएगा, जिससे वे पेड़-पौधों और उनके धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि बुनियादी सुविधाओं के तहत विभिन्न स्थानों पर शौचालय, टिकट काउंटर सहित सुरक्षा कक्ष, पॉकेट बी में कैफेटेरिया और पगोडा का निर्ण किया जाएगा। सौंदर्यीकरण के लिए पत्थर पिचिंग, पांच कमल तालाब, तुलसी वृंदावन और आकर्षक मूर्तियों का विकास भी प्रस्तावित है। इसके अलावा प्रवेश द्वार, ओवरहेड जल टंकी, सौर स्ट्रीट लाइट, जल एटीएम, कूड़ेदान, स्वतंत्र एवं परावर्तक संकेतक बोर्ड, पत्थर की नक्काशी और पर्गाेला जैसे कार्य भी कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से नैमिषारण्य धाम को एक प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। वेदारण्यम परियोजना के ध्यम से यहां आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करते हुए इसके पारंपरिक और आध्यात्मिक स्वरूप को भी संरक्षित किया जाएगा। इस परियोजना में वेदों की थीम, प्राकृतिक संतुलन और वास्तु सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर का विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।

जयवीर सिंह ने बताया कि हरा उद्देश्य है कि नैमिषारण्य को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में स्थापित किया जाए। यहां विकसित होने वाली सुविधाएं न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव देंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर और अधिक मजबूती से उभरेगा और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।” अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्र्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि,“प्रदेश सरकार वेदारण्यम परियोजना को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ नैमिषारण्य की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।”

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