Saharanpur: जंतर-मंतर पर कार्रवाई से भड़के किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह, बोले—भाजपा नेताओं को गांव में न घुसने दें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान
सहारनपुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों को डंडे के बल पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि है, जबकि लाठीचार्ज को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि “भारत में इमरजेंसी जैसा दौर शुरू हो चुका है। लोगों की आवाज को डंडे के बल पर दबाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए मामले में सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। जंतर-मंतर पर शुक्रवार को जाति आधारित आरक्षण में बदलाव और अन्य संबंधित मांगों को लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। पुलिस और आरएएफ ने मौके पर पहुंचकर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
किसान नेता ने ऐलान करते हुए कहा कि जब तक सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक भाजपा नेताओं के गांवों में प्रवेश का विरोध किया जाए। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे भाजपा नेताओं को गांव में प्रवेश न दें और न ही अपने घरों पर उनका स्वागत करें। ठाकुर पूरन सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ने की संभावना है। आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहा विरोध अब राजनीतिक बयानबाजी का भी केंद्र बनता जा रहा है।
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