Sambhal News: कब्रिस्तान में जलभराव से हाहाकार, जनाजे दफनाना हुआ मुश्किल; अब बनेगा शहर की जल निकासी का पूरा मैप
नारियाई वाले पुराने कब्रिस्तान में लंबे समय से बने जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि बारिश के
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: नारियाई वाले पुराने कब्रिस्तान में लंबे समय से बने जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि बारिश के बाद कब्रिस्तान में पानी भर जाने से लोगों को जनाजे को दफनाने तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान का निरीक्षण किया और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया।
सपा नेता सुहैल इकबाल ने बताया कि नरयावाला कब्रिस्तान से आसपास की करीब 10 से 12 बस्तियां जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान में पानी की निकासी के लिए पूर्व में नगरपालिका की ओर से सीवर लाइन भी बनाई गई थी, लेकिन लगातार बारिश और आसपास हो रहे अतिक्रमण के कारण जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। सुहैल इकबाल ने बीते दिनों वायरल हुई उस तस्वीर/वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें जलभराव के बीच जनाजे को दफनाने के बाद शव के बाहर तैरने की बात सामने आई थी। उन्होंने इसे बेहद दुखद और संवेदनशील घटना बताते हुए स्थायी समाधान की जरूरत जताई। उनके मुताबिक, जिलाधिकारी को सम्भल के कई जलभराव वाले क्षेत्रों की जानकारी दी गई है। इनमें नरयावाला कब्रिस्तान के अलावा सिल्वेंजा अस्पताल क्षेत्र, दीपा सराय में गोल मस्जिद और अंजुमन तिराहा सहित एसएस गार्डन के आसपास के इलाके शामिल हैं। अब नगरपालिका को सम्भल में जलभराव वाले सभी स्थानों की रिपोर्ट तैयार कर यह बताना होगा कि पानी कहां जमा हो रहा है और उसकी निकासी किस रास्ते से की जाएगी। इसके लिए जल निकासी का पूरा मैप तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों के माध्यम से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। नरयावाला का जलभराव अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि सम्मानजनक अंतिम संस्कार तक की चुनौती बन चुका है। प्रशासनिक निरीक्षण के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस बार समस्या का स्थायी समाधान जमीन पर दिखाई देगा।
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