सीतापुर के रहिमाबाद में चरमराई सफाई व्यवस्था: नालियां चोक होने से रास्तों पर भरा गंदा पानी, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
सीतापुर के खैराबाद ब्लॉक अंतर्गत रहिमाबाद गांव में नियमित सफाई न होने से जलभराव और दुर्गंध। ग्रामीणों ने स्थाई सफाई कर्मी तैनात करने की प्रशासन से मांग की।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। विकास खंड खैराबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत रहिमाबाद में बुनियादी नागरिक सुविधाएं पूरी तरह बेपटरी हो चुकी हैं। गांव में नियमित साफ-सफाई न होने के चलते जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर लगे हैं और नालियों के चोक होने से रास्तों पर गंदा पानी भर गया है। स्थिति यह है कि स्थायी सफाई कर्मी की तैनाती न होने के कारण पूरी आबादी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है, जिससे स्थानीय निवासियों में प्रशासनिक उपेक्षा के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
गांव के निवासियों बबलू, अवधेश, अय्यूब, गौरव, आयुष और मुकेश सहित अनेक ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से किसी नियमित सफाई कर्मी की उपस्थिति नहीं है। जब भी अत्यधिक समस्या उत्पन्न होती है और लगातार गुहार लगाई जाती है, तब कभी-कभार निजी मजदूरों को लगाकर खानापूरी करा दी जाती है। नियमित देखरेख के अभाव और नालियों की गहराई पर्याप्त न होने के कारण गंदे पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो चुकी है। जलनिकासी की नालियों में घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं, जिसके कारण घरों से निकलने वाला दूषित पानी सीधे रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र हो रहा है।
सड़क पर दूषित जलभराव के चलते चारों ओर दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों व स्कूली छात्र-छात्राओं का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। गंदे पानी में मच्छरों और हानिकारक कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गांव में डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग के उच्चाधिकारियों से स्थिति का संज्ञान लेते हुए गांव में स्थायी सफाई कर्मी तैनात करने, नालियों की तलीझाड़ सफाई कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
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