UP Governance Review: यूपी के 33 जिलों के DM तलब, विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के साथ लखनऊ में अहम बैठक
उत्तर प्रदेश शासन ने 33 जिलों के जिलाधिकारियों को विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ लखनऊ तलब किया है। जनहित से जुड़ी प्राथमिक योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी।
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लखनऊ में विकास कार्यों पर महामंथन: 33 जिलाधिकारियों को शासन का बुलावा, प्राथमिक योजनाओं का होगा जमीनी मूल्यांकन
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UP Administration News: 33 जिलों के कप्तानों की राजधानी में क्लास, योजनाओं की अद्यतन स्थिति लेकर पहुंचेंगे अफसर
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सरकारी योजनाओं की समीक्षा: लखनऊ बुलाए गए 33 जिलों के जिलाधिकारी, तय समयसीमा और डिलीवरी पर कसा जाएगा शिकंजा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश शासन ने राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शासन की ओर से प्रदेश के 33 जनपदों के जिलाधिकारियों को सोमवार को राजधानी लखनऊ तलब किया गया है। इन सभी प्रशासनिक प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं, वित्तीय व्यय और लाभार्थीपरक कार्यक्रमों की अद्यतन (अपडेटेड) स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट साथ लेकर उपस्थित हों।
सचिवालय स्तर पर आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। शासन स्तर पर जिलों की प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तय समयसीमा का पालन और लंबित जनशिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी।
इन 33 जिलों के जिलाधिकारियों को मिला निर्देश
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिन 33 जिलों के जिलाधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ बुलाया गया है, उनकी सूची में पूर्वांचल, मध्य यूपी, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं:
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अयोध्या: शशांक त्रिपाठी
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अम्बेडकरनगर: ईशा प्रिया
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बाराबंकी: ईशान प्रताप सिंह
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सुलतानपुर: इन्द्रजीत सिंह
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अमेठी: संजय चौहान
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गोण्डा: प्रियंका निरंजन
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बहराइच: राजेश कुमार पांडेय
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बलरामपुर: विपिन कुमार जैन
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श्रावस्ती: अन्नपूर्णा गर्ग
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लखनऊ: विशाख जी
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हरदोई: अनुनय झा
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लखीमपुर खीरी: अंजनी कुमार सिंह
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रायबरेली: सरनीत कौर ब्रोका
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सीतापुर: डॉ. राजागणपति आर.
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उन्नाव: घनश्याम मीणा
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कानपुर नगर: जितेंद्र प्रताप सिंह
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औरैया: ब्रजेश कुमार
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इटावा: शुभ्रांत शुक्ला
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फर्रूखाबाद: डॉ. अंकुर लाठर
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कन्नौज: आशुतोष मोहन अग्निहोत्री
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कानपुर देहात: कपिल सिंह
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मुरादाबाद: डॉ. राजेन्द्र पेंसिया
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बिजनौर: जसजीत कौर
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अमरोहा: नितिन गौड़
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रामपुर: अजय कुमार द्विवेदी
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सम्भल: अंकित खंडेलवाल
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चित्रकूट: पुलकित गर्ग
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बांदा: अमित आसेरी
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हमीरपुर: अभिषेक गोयल
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महोबा: गजल भारद्वाज
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झाँसी: गौरांग राठी
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जालौन: समीर
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ललितपुर: सत्य प्रकाश
समीक्षा के केंद्र में रहेंगे ये प्रमुख विषय
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान जिलाधिकारियों के साथ कई प्रमुख मानकों पर विस्तार से विमर्श किया जाएगा:
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बुनियादी ढांचा एवं सड़क निर्माण: जिलों में गतिमान बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं की वर्तमान भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा होगी। समय पर काम पूरा न करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई की स्थिति देखी जाएगी।
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स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं: जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता का जायजा लिया जाएगा।
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पेयजल एवं ग्रामीण विकास: 'हर घर जल' मिशन और ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन का ऑडिट किया जाएगा।
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राजस्व व भूमि संबंधी मामले: भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण, वरासत दर्ज करने की प्रक्रिया और राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण की गति परखी जाएगी।
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जनसुनवाई और आईजीआरएस: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान का जिलेवार विश्लेषण किया जाएगा।
जमीनी स्तर पर निगरानी होगी सख्त
शासन का मानना है कि योजनाओं के आवंटन से अधिक महत्वपूर्ण उनका धरातल पर पारदर्शी क्रियान्वयन है। जिन जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती या लापरवाही पाई जाएगी, वहां संबंधित प्रशासनिक नेतृत्व को तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कार्यों के वास्तविक लाभ का विवरण प्रस्तुत करें।
आम नागरिकों पर क्या होगा इसका असर?
राजधानी में होने वाली इस वृहद प्रशासनिक समीक्षा का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ना तय माना जा रहा है। जब जिलों के शीर्ष अधिकारी सीधे शासन को जवाबदेह होते हैं, तो स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी में तत्परता आती है। लंबित फाइलों के निस्तारण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) की पारदर्शिता, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और स्थानीय स्तर पर लगने वाले जनता दरबारों की नियमितता में सुधार देखने को मिलता है।
सोमवार को होने वाली इस बैठक के बाद यह तय होगा कि आने वाले महीनों में विभिन्न विकास प्राथमिकताओं को लेकर जिला स्तर पर क्या समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाएगी।
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