यूपी: मतदाता सूची में फर्जी व मल्टीपल प्रविष्टियां रोकने को CSC संचालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, CEO ने जारी किए निर्देश

यूपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची में फार्म-6 की मल्टीपल प्रविष्टियां रोकने के निर्देश दिए। जन सुविधा केंद्र संचालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण।

By INA News Desk
Nov 5, 2026 - 23:19
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यूपी: मतदाता सूची में फर्जी व मल्टीपल प्रविष्टियां रोकने को CSC संचालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, CEO ने जारी किए निर्देश
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों (मतदाता सूची) में नाम शामिल कराने के लिए भरे जाने वाले फार्म-6 में एक से अधिक बार आवेदन (Multiple Entries) की समस्या के स्थाई समाधान के लिए निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जनपदों में जन सुविधा केन्द्रों (सीएससी) के संचालकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करें, ताकि ऑनलाइन आवेदनों के दोहराव को पूरी तरह रोका जा सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कई बार ऑनलाइन अथवा सीएससी के माध्यम से फार्म-6 जमा करने के बाद तकनीकी या नेटवर्क कारणों से तत्काल रेफरेंस नंबर का एसएमएस न मिलने पर आवेदक घबराकर दोबारा आवेदन कर देते हैं, जिससे डेटाबेस में एक ही व्यक्ति की बहुप्रविष्टियां दर्ज हो जाती हैं। इस विसंगति को समाप्त करने के लिए सीएससी संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे फार्म भरते समय आवेदक का ही वास्तविक और सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें। संचालक कदापि अपना निजी या कोई काल्पनिक मोबाइल नंबर फार्म में अंकित न करें। फार्म-6 का अंतिम सबमिशन ई-साइन (e-Sign) के बाद होता है, जिसके लिए आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी सत्यापन अनिवार्य है। यदि नेटवर्क समस्या के कारण मैसेज न पहुंचे, तो संचालक स्क्रीन पर प्रदर्शित रेफरेंस नंबर का स्क्रीनशॉट लेकर आवेदक को उपलब्ध कराएं, जिससे दोबारा फार्म भरने की आवश्यकता न पड़े और आवेदक उसी नंबर से स्टेटस ट्रैक कर सके।

सीईओ ने यह भी रेखांकित किया कि स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जाने वाले मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) अक्सर अपूर्ण पते या गलत पिन कोड के कारण डाक विभाग से वापस लौट जाते हैं। ऐसे में फार्म-6 भरते समय मकान संख्या, गली/मोहल्ला और सही पिन कोड सहित पूरा पता भरना अनिवार्य है, जिससे समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

फार्म-6 में आवेदक का सही मोबाइल नंबर दर्ज होने के कई बहुआयामी लाभ हैं। इससे जहां आवेदन की रसीद और ट्रैकिंग की सुविधा मिलती है, वहीं अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने पर आयोग सीधे आवेदक से संपर्क कर सकता है। इसके अतिरिक्त, नागरिक सेवा पोर्टल (voters.eci.gov.in) अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से मतदाता कभी भी अपना डिजिटल वोटर कार्ड (e-EPIC) डाउनलोड कर सकते हैं। वोटर आईडी नंबर याद न होने पर भी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की मदद से मतदाता सूची में नाम, पोलिंग बूथ, विधानसभा क्षेत्र और बीएलओ का विवरण तुरंत देखा जा सकता है।

समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर सत्यापन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी आवेदक के फार्म-6 की बहुप्रविष्टि न होने पाए। निर्वाचन विभाग ने इन महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनप्रचार करने के आदेश भी जारी किए हैं।

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