यूपी में वाहन स्क्रैपिंग सेंटरों की होगी विशेष जांच, गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों की विशेष जांच होगी। परिवहन विभाग ने अनियमितता की शिकायत पर संयुक्त टीमें गठित कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में संचालित पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों (आरवीएसएफ) की कार्यप्रणाली को लेकर परिवहन विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है। प्रदेश सरकार को विभिन्न माध्यमों से सूचनाएं मिल रही थीं कि कई केंद्रों पर मोटर यान नियमावली और सरकारी आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर राज्य भर के ऐसे सभी केंद्रों की गहन जांच कराने का फैसला किया गया है।
नियमों की अनदेखी और अनियमितता की शिकायतों के समाधान के लिए परिवहन आयुक्त ने प्रदेश स्तर पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रत्येक संभाग में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) और मोटर यान निरीक्षक की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। अपर परिवहन आयुक्त राजस्व आर के विश्वकर्मा ने बताया कि यह विशेष जांच अभियान पंद्रह दिनों से अधिक समय तक चलेगा, जिसमें केंद्रों पर वाहनों के विनष्टीकरण की प्रक्रिया, कागजी रिकॉर्ड के रख-रखाव और निर्धारित मानकों के पालन का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिन केंद्रों पर नियमों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आएगी, उनकी पूरी तथ्यात्मक आख्या संबंधित संयुक्त टीम द्वारा परिवहन आयुक्त को सौंपी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य में वाहन स्क्रैपिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता, पर्यावरणीय सुरक्षा और विधिक नियमों के अनुसार संचालित कराना है ताकि प्रक्रिया को वैज्ञानिक और सुरक्षित बनाया जा सके।
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