UPITS 2026: यूपी पुलिस के हाईटेक स्टॉल पर उमड़ी विदेशी मेहमानों की भीड़, डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर और यू-फीड मशीन बने आकर्षण का केंद्र
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी पुलिस के हाईटेक स्टॉल पर विदेशी मेहमानों व युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी। 15 हजार से अधिक लोगों ने स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल देखा।
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था में पिछले साढ़े नौ वर्षों के दौरान आए व्यापक गुणात्मक और तकनीकी बदलाव की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में आयोजित 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026' (UPITS-2026) के हॉल नंबर 4 में स्थापित उत्तर प्रदेश पुलिस का आधुनिक एवं हाईटेक स्टॉल देश-विदेश के विजिटर्स के लिए भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले के शुरुआती तीन दिनों के भीतर ही 15 हजार से अधिक घरेलू आगंतुकों, तकनीकी विशेषज्ञों, छात्रों और विदेशी राजनयिकों व व्यापारिक प्रतिनिधियों ने इस स्टॉल का अवलोकन कर प्रदेश की स्मार्ट पुलिसिंग प्रणाली को बारीकी से समझा।
वर्ष 2017 से पूर्व जिस उत्तर प्रदेश को कानून-व्यवस्था की बदहाली के लिए जाना जाता था, आज वही प्रदेश आधुनिक तकनीक, त्वरित प्रतिक्रिया और कड़े विधि-सम्मत नियंत्रण के बल पर देश में सुरक्षा और सुशासन के रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। यूपी पुलिस का यह पवेलियन केवल पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, फोरेंसिक विश्लेषण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में पुलिस बल की तकनीकी आत्मनिर्भरता को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
साइबर हेल्प डेस्क पर 'डिजिटल अरेस्ट' और ऑनलाइन ठगी से बचाव की सीख
प्रदर्शनी में सबसे अधिक भीड़ साइबर सुरक्षा हेल्प डेस्क पर देखी जा रही है, जहां स्कूल-कॉलेजों के छात्र और युवा पेशेवर साइबर खतरों को समझने पहुंच रहे हैं। वहां तैनात उपनिरीक्षकों (SI) और साइबर विशेषज्ञों द्वारा लोगों को यह समझाया जा रहा है कि इन दिनों तेजी से फैल रहा 'डिजिटल अरेस्ट' का फ्रॉड वास्तव में क्या है और कानून प्रवर्तन एजेंसियां कभी भी वीडियो कॉल पर किसी नागरिक को बंधक या अरेस्ट नहीं बनातीं।
विशेष रूप से टेलीग्राम और फर्जी निवेश ग्रुप्स के जरिए की जाने वाली ठगी को लेकर आगंतुकों ने अनेक प्रश्न पूछे। इस पर साइबर टीम ने मौके पर प्रदर्शित अत्याधुनिक 'यू-फीड' (U-Feed) मोबाइल फोरेंसिक मशीन की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। पुलिसकर्मियों ने बताया कि यह उपकरण साइबर अपराधियों और संदिग्धों के जब्त मोबाइल फोन से कुछ ही मिनटों में एन्क्रिप्टेड डेटा, कॉल लॉग्स और चैट हिस्ट्री को डिकोड कर बाहर निकाल लेता है, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड्स तक पहुंचना बेहद आसान हो जाता है।
कैमरे वाले ब्रीद एनालाइजर और स्पीड रडार गन का सजीव प्रदर्शन
सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों की जानकारी देते हुए डीजी डायल 112 विनोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 से पुलिस बेड़े में शामिल किए गए ब्रीद एनालाइजर उपकरणों में इन-बिल्ट कैमरे लगाए गए हैं। इसका लाभ यह है कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की जांच के समय उनकी वास्तविक तस्वीर और सांस में अल्कोहल का सटीक प्रतिशत डिजिटल रूप से रिकॉर्ड हो जाता है, जिससे चालान के समय कोई विवाद या बहानेबाजी नहीं चल पाती।
इसके अतिरिक्त तेज गति से वाहन दौड़ाने वालों पर निगरानी रखने वाली 'स्पीड रडार गन', पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगने वाले 'बॉडी वॉर्म कैमरे' (Body Worn Camera) और गश्ती वाहनों में लगे 'मोबाइल डेटा टर्मिनल' (MDT) को देखकर छात्र रोमांचित नजर आए। युवाओं ने इन उपकरणों को हाथ में लेकर समझा कि कैसे डायल 112 का केंद्रीय कमांड सेंटर वास्तविक समय (रियल टाइम) में गश्ती दस्तों की लोकेशन ट्रैक करता है और सूचना मिलते ही औसतन कुछ ही मिनटों में मौके पर मदद पहुंचाता है।
डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर और एटीएस-एसटीएफ के आधुनिक हथियार
स्टॉल के सामरिक सुरक्षा खंड में उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अत्याधुनिक हथियारों ने आगंतुकों में गहरा कौतूहल पैदा किया। डीजी डायल 112 ने जानकारी दी कि पुलिस बल को लंबी दूरी की सटीक स्नाइपर राइफल्स, क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन, आधुनिक टैक्टिकल संचार प्रणाली और उन्नत बम निरोधक उपकरणों से लैस किया गया है।
विशेष रूप से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा निर्मित रॉकेट लॉन्चर को देखकर युवा और विदेशी मेहमान दंग रह गए। दो किलोमीटर की प्रभावी मारक क्षमता वाला यह रॉकेट लॉन्चर आतंकवाद-रोधी अभियानों और दुर्गम बंधक स्थितियों में रणनीतिक बढ़त दिलाने में सक्षम है। इसके साथ ही स्टॉल पर प्रदर्शित 'फायर फाइटिंग रोबोट' और 'रेस्क्यू रोबोट' ने भी सबका ध्यान खींचा, जिनका उपयोग भीषण आग या जहरीली गैस के रिसाव वाले ऐसे संकरे स्थानों पर किया जाता है जहां इंसानी बचाव दल का सीधे पहुंचना संभव नहीं होता।
साढ़े नौ वर्षों में पारदर्शी व सुदृढ़ कानून-व्यवस्था का निर्माण
ट्रेड शो में पहुंचे इंजीनियरिंग और कानून के छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार पुलिस बल के तकनीकी और वैज्ञानिक आयाम को इतने करीब से देखा है। आगंतुकों का कहना था कि यूपी पुलिस अब केवल पारंपरिक गश्त और लाठी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वैश्विक स्तर की तकनीक से लैस होकर अपराधियों से दो कदम आगे चल रही है।
राज्य सरकार द्वारा विगत वर्षों में किए गए बुनियादी सुधारों के अंतर्गत सभी थानों को सीसीटीएनएस (CCTNS) नेटवर्क से जोड़ा गया, महिलाओं की चौबीसों घंटे सुरक्षा के लिए '1090 विमेन पावर लाइन', पिंक पुलिस बूथ और 'मिशन शक्ति' अभियान का विस्तार किया गया। इसके साथ ही शहरों में एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (ITMS) और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के त्रिनेत्र नेटवर्क ने संगठित अपराध और माफिया तंत्र की कमर तोड़ दी है। यूपीआईटीएस में उमड़ी यह भीड़ इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के दम पर ही उत्तर प्रदेश आज वैश्विक व्यापार और निवेश का पसंदीदा केंद्र बनकर उभर रहा है।
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