Varanasi News: वाराणसी की सीवर लाइन में मिलीं बालू भरी बोरियां, जलकल विभाग ने भेलूपुर थाने में दर्ज कराई तहरीर
वाराणसी के शिवाला, नगवा समेत कई वार्डों में सीवर लाइन चोक करने के लिए बालू की बोरियां, पत्थर और बुरादा डालने का मामला सामने आया है। जलकल विभाग ने भेलूपुर थाने में तहरीर दी है।
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काशी की छवि बिगाड़ने की साजिश? शिवाला और नगवा में सीवर लाइन चोक करने के लिए डाले गए बालू-पत्थर, जांच शुरू
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Varanasi Sewer Line Sabotage: आधा दर्जन वार्डों में सीवर ओवरफ्लो कराने की कोशिश, नगर निगम खंगाल रहा सीसीटीवी
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शिवाला में सीवर पाइप से निकलीं 12 बोरी बालू: महापौर और नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जल निकासी व्यवस्था को जानबूझकर बाधित करने और शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास का गंभीर मामला सामने आया है। नगर निगम और जलकल विभाग द्वारा विभिन्न इलाकों में कराई जा रही सीवर लाइनों की सफाई के दौरान शिवाला, सरायनंदन और नगवा सहित लगभग आधा दर्जन वार्डों की मुख्य भूमिगत सीवर पाइपलाइनों के भीतर से बालू भरी बोरियां, लकड़ी का बुरादा, बड़े पत्थर, प्लाईवुड के टुकड़े और प्लास्टिक कचरा भारी मात्रा में बरामद किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह सामान्य कचरा न होकर किसी सुनियोजित साजिश की ओर संकेत करता है, जिसका मकसद मुख्य लाइनों को पूरी तरह जाम कर आसपास की सहायक गलियों में गंदे पानी का बैकफ्लो कराना था।
घटना का संज्ञान लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने इसे आपराधिक षड्यंत्र करार दिया है। जलकल विभाग के जोन-2 अधिशासी अभियंता की ओर से भेलूपुर थाने में अज्ञात असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जनजीवन को संकट में डालने के आरोप में कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित तहरीर दी गई है।
शिवाला क्षेत्र से निकाली गईं 12 बोरियां बालू
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पार्षदों तथा जलकल विभाग के अभियंताओं के दल के साथ शनिवार को शिवाला वार्ड संख्या-75 के अंतर्गत रत्नाकर पार्क और अग्रवाल रेडियो के समीप मौका मुआयना किया।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने बताया कि शुक्रवार रात जब इस क्षेत्र में जलभराव की शिकायतों के समाधान के लिए मुख्य सीवर लाइन की डीप-क्लीनिंग कराई जा रही थी, तब सफाई कर्मियों को पाइप के मुहाने पर असामान्य अवरोध मिला। जब सफाई उपकरणों और कर्मियों की मदद से अवरोध को बाहर निकाला गया, तो वहां से लगभग 12 बोरी बालू, भारी पत्थर और प्लाई के टुकड़े बरामद हुए। पाइप के भीतर इस तरह से ठूंस-ठूंस कर बालू भरी बोरियां डालना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि किसी ने जानबूझकर पानी के निकास को अवरुद्ध करने का प्रयास किया है।
सीसीटीवी फुटेज से होगी पहचान
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय अभियंताओं और प्रवर्तन दल को निर्देश दिए कि वे इलाके में लगे सभी सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तुरंत कब्जे में लें। उन्होंने कहा कि सीवर के भारी ढक्कन (मैनहोल कवर) खोलकर बोरियां और निर्माण सामग्री अंदर डालना बिना तैयारी के संभव नहीं है। ऐसा कृत्य रात के समय किया गया प्रतीत होता है।
प्रशासन पुलिस के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि किन वाहनों या व्यक्तियों द्वारा यह सामग्री लाकर सीवर चैंबरों में डाली गई। नगर आयुक्त ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति रात के समय सीवर मैनहोल या नगर निगम की परिसंपत्तियों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ करता दिखाई दे, तो तुरंत निगम के कंट्रोल रूम अथवा स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
सोशल मीडिया पर प्रचार और जमीनी हकीकत का अंतर
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने निरीक्षण स्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नगर निगम और जलकल की टीमें शहर के निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेटों और सक्शन मशीनों के साथ लगातार काम कर रही हैं। दर्जनों जलभराव वाले पुराने बिंदुओं को पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर सुनियोजित तरीके से पुराने या भ्रामक वीडियो डालकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रशासन दिन-रात जलभराव खत्म करने में लगा है, उसी दौरान सीवर लाइनों में बालू की बोरियां मिलना महज संयोग नहीं हो सकता। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र को बदनाम करने और आम जनता को परेशान करने की साजिश जान पड़ती है।
जलकल विभाग ने पुलिस को सौंपी तहरीर
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता (जोन-2) द्वारा भेलूपुर थाने में दी गई तहरीर में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि शिवाला वार्ड में अग्रवाल रेडियो के पास सीवर लाइन की सफाई के दौरान असामान्य रूप से अत्यधिक मात्रा में बालू की बोरियां मिलीं। तहरीर के अनुसार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने, शहर में जलजमाव पैदा कर महामारी का खतरा उत्पन्न करने और काशी की छवि को आघात पहुंचाने की नीयत से यह हरकत की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले में सुसंगत विधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू की जा रही है। जांच टीम मौके से मिले भौतिक साक्ष्यों और आसपास के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।
निरीक्षण में यह जनप्रतिनिधि रहे शामिल
निरीक्षण के समय नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास, क्षेत्रीय पार्षद सुरेश चौरसिया, चंद्रनाथ मुखर्जी, मदनमोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, महेंद्र पटेल, इंद्रदेव सिंह, मनीष गुप्ता, सोमनाथ यादव, अक्षयवर सिंह, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह के साथ ही जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह और सचिव सुधीर वर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की तह तक जाकर दोषियों को बेनकाब किया जाए ताकि भविष्य में कोई शहर की बुनियादी व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके।
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