Hardoi: कीलों के तख्त पर लेटकर 145 किमी की कांवड़ यात्रा, शिवभक्त मनोज की अनोखी आस्था बनी मिसाल
पिहानी विकास खंड के ग्राम हन्न पसिंगवा निवासी 27 वर्षीय मनोज राठौर ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था
पिहानी / गोला गोकर्णनाथ: पिहानी विकास खंड के ग्राम हन्न पसिंगवा निवासी 27 वर्षीय मनोज राठौर ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी अटूट आस्था की एक अनूठी मिसाल पेश की है। मनोज लोहे की तीखी कीलों से बने तख्त पर लेटकर करीब 145 किलोमीटर लंबी बेहद कठिन कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य 'छोटी काशी' के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।
राजघाट से जल भरकर शुरू की यात्रा
मनोज ने इस कठिन यात्रा की शुरुआत राजघाट से गंगाजल लेकर की थी। इस अनोखी यात्रा में उनके तीन युवा साथी—पिंटू महाकाल (22), विकास राठौर (17) और प्रियांशु राठौर (19) रस्सियों की मदद से कीलों वाले तख्त को खींचकर उनका सहयोग कर रहे हैं।
आस्था से आसान हो जाती हैं मुश्किलें
अपनी इस अनूठी भक्ति के बारे में मनोज राठौर ने बताया कि तख्त पर शिव-पार्वती का ध्यान करने और सच्ची आस्था व श्रद्धा की शक्ति से बड़ी से बड़ी मुश्किलें भी आसान हो जाती हैं।
"आस्था और दृढ़ संकल्प के बल पर कठिन से कठिन कार्य भी संभव हो जाते हैं।" — स्थानीय श्रद्धालु
सावन के दूसरे सोमवार को करेंगे जलाभिषेक
इस यात्रा का शुभारंभ 10 जुलाई को राजघाट से हुआ था। मनोज ने सावन के दूसरे सोमवार को गोला गोकर्णनाथ पहुंचकर जलाभिषेक करने का संकल्प लिया है। गुरुवार को यात्रा पिहानी होते हुए पाठिया तिराहा पहुंची। मनोज केवल सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही यात्रा करते हैं। इस अद्भुत भक्ति को देखने के लिए रास्ते भर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
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