Sambhal: संतों के सम्मान की लड़ाई या पुलिस से टकराव? पप्पू यादव का पुतला दहन, कोतवाली में बजरंग दल का धरना
साधु-संतों के कथित अपमान के विरोध में मंगलवार को सम्भल में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल: साधु-संतों के कथित अपमान के विरोध में मंगलवार को सम्भल में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला संयोजक शक्ति शंकर के नेतृत्व में कार्यकर्ता सूरजकुंड मंदिर से एकत्र होकर शंकर चौराहे तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया।
पुतला दहन के दौरान प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार ने धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसी बीच बजरंग दल के विभाग संयोजक नितिन शर्मा को पुलिस ने कुछ देर के लिए अपनी गाड़ी में बैठा लिया, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में नितिन शर्मा को छोड़ दिया गया। घटना के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना शुरू कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। धरने के दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक शक्ति शंकर ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुतला दहन की जानकारी पहले से एलआईयू सहित संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, इसके बावजूद विभाग संयोजक नितिन शर्मा के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और जबरन गाड़ी में बैठा लिया। उन्होंने कहा कि संगठन साधु-संतों के सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में प्रशासन का यह रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। शक्ति शंकर ने स्पष्ट कहा कि संगठन की प्रमुख मांग कोतवाली प्रभारी को हटाने की है। उनका आरोप था कि ऐसी मानसिकता वाले अधिकारियों का प्रशासन में रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति संगठन के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार तय की जाएगी। बजरंग दल के पदाधिकारियों तथा पुलिस प्रशासन के बीच वार्ता के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। पूरे मामले पर पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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