असम NRC में देरी पर भड़के मौलाना अरशद मदनी, सरकार पर लगाया राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप
जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अंतिम एनआरसी के वर्षों बाद भी प्रक्रिया अधूरी रखना असम सरकार की राजनीतिक साजिश है।
असम NRC में देरी पर भड़के मौलाना अरशद मदनी, सरकार पर लगाया राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अंतिम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) सूची सामने आने के वर्षों बाद भी प्रक्रिया पूरी न होना और नागरिकों को पहचान पत्र न दिया जाना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम सरकार राजनीतिक स्वार्थ के लिए नागरिकता जैसे संवेदनशील मामले को जानबूझकर उलझाए रखना चाहती है।
मौलाना अरशद मदनी ने अपने बयान में कहा कि अदालत की ओर से नोटिस मिलने के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार का स्पष्ट पक्ष न रखना और वैधानिक प्रक्रिया में अड़चनें बनी रहना कई सवाल खड़े करता है। इससे यह बात साफ होती है कि नागरिकता के विषय को केवल राजनीतिक फायदे के लिए दबाकर रखा जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि असम में पहले भी कुछ समूहों द्वारा अल्पसंख्यकों को बाहरी बताकर उनकी नागरिकता को संदिग्ध बनाने के प्रयास किए गए हैं, जिससे क्षेत्र में सामाजिक तनाव बढ़ा है। मौलाना मदनी का आरोप है कि वर्तमान प्रशासन भेदभावपूर्ण रवैये पर काम कर रहा है।
जमीयत अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी संस्था पीड़ित लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असम में शांति, भाईचारे और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एनआरसी प्रक्रिया को कानून के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाना आवश्यक है।
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