देश के मौजूदा हालात पर बोले मौलाना अरशद मदनी, जमीयत के सम्मेलन में उठाए गंभीर सवाल
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने देश की स्थिति और बुलडोजर कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है। जानिए उन्होंने सम्मेलन में क्या कहा।
देश के मौजूदा हालात पर मौलाना अरशद मदनी ने जताई चिंता, बुलडोजर कार्रवाई को बताया प्रतिशोध की राजनीति
उत्तराखंड में आयोजित जमीयत उलमा-ए-हिंद की प्रांतीय कार्यकारिणी के विशेष सम्मेलन में संगठन के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने देश की वर्तमान स्थिति को लेकर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश के भीतर व्यावहारिक रूप से अघोषित आपातकाल जैसी परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और देश के संविधान की मूल आत्मा प्रभावित हो रही है। पत्रकरों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था से जुड़े कुछ लोग खुद को देश के कानून से भी ऊपर मानने लगे हैं, जो कि एक चिंताजनक संकेत है। उन्होंने सचेत किया कि यदि इन परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में इसके नकारात्मक परिणाम पूरे देश को देखने पड़ सकते हैं।
विभिन्न राज्यों में होने वाली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तौर पर चलाया जा रहा बुलडोजर अब न्याय का माध्यम न रहकर भेदभाव और नफरत की राजनीति का जरिया बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किए बिना ही लोगों के मकानों, व्यावसायिक दुकानों और धार्मिक स्थलों जैसे मस्जिदों व मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। मौलाना मदनी ने आह्वान किया कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को अक्षुण्ण रखने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सजग रहने की जरूरत है।
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