दिल्ली-NCR, यूपी-बिहार में शीतलहर का अलर्ट: मौसम विभाग ने 19 अक्टूबर से ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की।

भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित उत्तर भारत के कई इलाकों के लिए शीतलहर की बड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर से ठंड का

Oct 17, 2025 - 11:29
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दिल्ली-NCR, यूपी-बिहार में शीतलहर का अलर्ट: मौसम विभाग ने 19 अक्टूबर से ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की।
दिल्ली-NCR, यूपी-बिहार में शीतलहर का अलर्ट: मौसम विभाग ने 19 अक्टूबर से ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी की।

भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित उत्तर भारत के कई इलाकों के लिए शीतलहर की बड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर से ठंड का असर तेज होगा, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आएगी। यह शीतलहर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चलेगी, जो उत्तर-पश्चिमी पहाड़ियों से ठंडी हवाओं को ला रही है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि यूपी और बिहार के मैदानी इलाकों में 12 से 14 डिग्री तक ठंडक महसूस होगी। यह मौसम बदलाव दिवाली से ठीक पहले आ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण और बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तापमान गिर रहा है। 15 अक्टूबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम है। सफदरजंग मौसम केंद्र पर 18.3 डिग्री दर्ज हुआ। रिज क्षेत्र में तो यह 16.9 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा, लोढ़ी रोड और अयानगर में भी 17.6 डिग्री का तापमान रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गिरावट ला नीना प्रभाव की शुरुआत का संकेत है। ला नीना एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य भाग में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम रहता है। इससे भारत में सर्दियां कठोर हो जाती हैं। अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र ने सितंबर में ही चेतावनी दी थी कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक ला नीना के विकसित होने की 71 प्रतिशत संभावना है।

मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय हल्की धुंध छाई रहेगी। इसके बाद 19 से 21 अक्टूबर तक हल्का कोहरा रहेगा। कोहरा दृश्यता को कम कर देगा, जिससे सड़क और हवाई यात्रा प्रभावित हो सकती है। विभाग ने पीली चेतावनी जारी की है, जिसका मतलब है कि सतर्क रहें। दिल्ली में अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच रहेगा, लेकिन न्यूनतम में 2-3 डिग्री की और गिरावट संभव है। प्रदूषण का स्तर भी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है। 15 अक्टूबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से ऊपर था, जो सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं के साथ धूल और धुंएं मिलकर स्मॉग बना सकती हैं। इसलिए, मास्क पहनना और घर के अंदर रहना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में शीतलहर का प्रभाव ज्यादा गंभीर होगा। पूर्वी यूपी के जिलों जैसे लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में तापमान 12 डिग्री तक गिर सकता है। पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ जैसे इलाकों में भी ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग ने बताया कि 18 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो ठंडी हवाओं को मैदानी इलाकों तक पहुंचाएगा। यूपी में हल्की बारिश की भी संभावना है, खासकर 20 और 21 अक्टूबर को। बारिश के बाद तापमान और तेजी से गिरेगा। विभाग ने सभी जिलों को हरी जोन में रखा है, लेकिन शीतलहर के लिए नारंगी अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि तैयारी करें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सलाह दी गई है। गेहूं और सरसों की फसलें ठंड से प्रभावित हो सकती हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर गर्मी ले रहे हैं। शहरों में हीटिंग सिस्टम की मांग बढ़ गई है।

बिहार में भी स्थिति चिंताजनक है। पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहेगा। विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर से शीतलहर शुरू हो जाएगी, जो 23 अक्टूबर तक रहेगी। बिहार के मैदानी भागों में कोहरा सुबह-सुबह छाया रहेगा। इससे ट्रेनें और बसें लेट हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से नमी आने से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह ठंड को और गहरा कर देगी। बिहार सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। सर्दी-जुकाम और निमोनिया के मामले बढ़ सकते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। ठंड से पशुधन प्रभावित होता है।

शीतलहर के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। यह एक मौसम प्रणाली है, जो भूमध्य सागर से शुरू होकर भारत पहुंचती है। अक्टूबर में यह सक्रिय होने से ठंडी हवाएं चलने लगती हैं। इसके अलावा, हिमालय से ठंडी हवा का बहाव भी बढ़ रहा है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बर्फबारी हो रही है, जो मैदानों तक ठंड पहुंचा रही है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सोमा सेन रॉय ने कहा कि दिसंबर तक तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री कम रह सकता है। यह ला नीना का प्रभाव होगा। पिछले साल भी ला नीना से सर्दियां कड़ी रहीं। दिल्ली में जनवरी में तापमान 4 डिग्री तक गिरा था। इस बार भी वैसा ही होने की आशंका है।

इस चेतावनी से आम जीवन प्रभावित हो रहा है। दिल्ली में स्कूलों के समय में बदलाव की चर्चा है। सुबह की कक्षाएं देरी से शुरू हो सकती हैं। यातायात पुलिस ने ड्राइवरों को धीमी गति से चलने की सलाह दी है। कोहरे के कारण दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। एनसीआर के शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा में भी सतर्कता बरती जा रही है। यूपी में लखनऊ मेट्रो ने विशेष इंतजाम किए हैं। बिहार के पटना में रेलवे ने फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाए हैं। ये उपकरण कोहरे में ट्रेनों को सुरक्षित रखते हैं। किसान भाई चिंतित हैं। रबी फसलें बोने का समय है, लेकिन ठंड से बीज अंकुरित न हों। विभाग ने कवर फसल लगाने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर में विटामिन सी युक्त भोजन लें। गर्म पानी पिएं और व्यायाम करें। प्रदूषण के साथ ठंड सांस की समस्याएं बढ़ा सकती है। अस्थमा रोगियों को दवा समय पर लें। दिल्ली सरकार ने नाइट शेल्टर बढ़ाए हैं। बेघरों के लिए कंबल वितरण शुरू हो गया है। एनजीओ भी सक्रिय हैं। यह मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन का संकेत भी है। ग्लोबल वार्मिंग के बावजूद सर्दियां अनियमित हो रही हैं। कभी बहुत ठंड, कभी गर्मी। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले वर्षों में यह और तेज होगा।

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