Lucknow Coaching Fire: लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई, 7 जुलाई को ढहाया जाएगा अवैध कॉम्प्लेक्स
Lucknow Coaching Fire: लखनऊ कोचिंग अग्निकांड मामले में एलडीए की बड़ी कार्रवाई। 7 जुलाई को अवैध बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से जमींदोज किया जाएगा।
- लखनऊ कोचिंग हादसा: एलडीए का चलेगा बुलडोजर, अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारत को सात जुलाई को किया जाएगा जमींदोज
- लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर एलडीए का बड़ा एक्शन, 7 जुलाई को उस अवैध कॉम्प्लेक्स को मिट्टी में मिलाएगा बुलडोजर
- Lucknow Fire Update: लखनऊ प्रशासन का सख्त रुख, अग्निकांड वाले अवैध कॉम्प्लेक्स पर 7 जुलाई को चलेगा बुलडोजर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हाल ही में हुए दर्दनाक लखनऊ कोचिंग अग्निकांड (Lucknow Coaching Fire) के बाद बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण आगामी 7 जुलाई को उस पूरे अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने जा रहा है, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर कोचिंग सेंटर का संचालन किया जा रहा था। इस हादसे के बाद की गई तकनीकी और कानूनी जांच में सामने आया कि यह बहुमंजिला इमारत पूरी तरह से अवैध रूप से निर्मित की गई थी। इसके पास न तो स्वीकृत मानचित्र था और ना ही फायर सेफ्टी का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद एलडीए का बुलडोजर इस भवन को ढहाने के लिए तैयार है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर नकेल कसी जा सके।
लखनऊ के एक व्यस्त इलाके में संचालित कोचिंग सेंटर में पिछले दिनों भीषण आग लग गई थी, जिसके कारण वहां पढ़ रहे छात्रों के बीच हड़कंप मच गया था और भारी जान-माल का नुकसान होने से बाल-बाल बचा था। इस हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की तकनीकी टीम ने जब इस परिसर के दस्तावेजों और निर्माण की सघन जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह पूरा वाणिज्यिक परिसर (Commercial Complex) बिना किसी कानूनी मंजूरी और मास्टर प्लान के नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया था। अब इसी अवैध निर्माण के खिलाफ अंतिम दंडात्मक कार्रवाई के रूप में 7 जुलाई की तारीख तय की गई है, जब इस पूरी इमारत को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया जाएगा।
लखनऊ के इस कोचिंग हब में घटित हुए अग्निकांड ने पूरे राज्य के प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया था। घटना के दिन शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया था। संकरी गलियों और इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) न होने के कारण स्थिति और भयावह हो गई थी।
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जांच में हुआ अवैध निर्माण का खुलासा: हादसे के तुरंत बाद एलडीए के उपाध्यक्ष ने प्रवर्तन दल को मौके पर भेजा था। शुरुआती जांच में ही यह स्पष्ट हो गया था कि इस बहुमंजिला इमारत का नक्शा स्वीकृत नहीं था। इसके अलावा, बेसमेंट से लेकर ऊपरी मंजिलों तक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जो न्यूनतम सुरक्षा मानक होने चाहिए, वे पूरी तरह नदारद थे।
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भवन स्वामी को नोटिस: कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण ने भवन मालिक और संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। संतोषजनक उत्तर और वैध दस्तावेज न मिलने के बाद प्राधिकरण ने इस परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया था।
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ध्वस्तीकरण आदेश जारी: मामले की अंतिम सुनवाई के बाद एलडीए की कोर्ट ने इस कॉम्प्लेक्स को गिराने का आदेश पारित किया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने और पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता को देखते हुए अब आगामी 7 जुलाई को इस अवैध ढांचे को जमींदोज करने की अंतिम रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
इस सख्त फैसले पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "नियमों का उल्लंघन करके मासूम बच्चों की जिंदगी को खतरे में डालने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई एक नजीर बनेगी ताकि कोई भी बिल्डर या मकान मालिक बिना वैध नक्शे और फायर एनओसी के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित न कर सके। 7 जुलाई को भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में इस अवैध कॉम्प्लेक्स को ढहाया जाएगा।"
वहीं, स्थानीय कोचिंग एसोसिएशन और छात्रों के अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। एक अभिभावक ने कहा, "प्रशासन का यह कदम बिल्कुल सही है। कोचिंग संचालक मोटी फीस तो वसूलते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ करते हैं। ऐसी इमारतों पर बुलडोजर चलना ही चाहिए।"
इस बड़ी कार्रवाई का असर केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के अन्य बड़े शहरों जैसे कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है। एलडीए के इस कड़े रुख के बाद पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है।
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अवैध बिल्डिंगों की जांच तेज: इस आदेश के बाद प्रशासन ने शहर के अन्य इलाकों में चल रहे कोचिंग सेंटरों और मॉल की फायर ऑडिट और नक्शा जांच की प्रक्रिया बेहद तेज कर दी है।
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बिल्डरों में खौफ: बिना मंजूरी के कॉम्प्लेक्स बनाने वाले भू-माफियाओं और बिल्डरों में इस बुलडोजर एक्शन को लेकर भारी डर का माहौल है। कई संचालकों ने स्वतः ही अपने सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
आगामी 7 जुलाई को होने वाले इस महा-ध्वस्तीकरण अभियान के लिए एलडीए ने जिला प्रशासन और लखनऊ पुलिस से भारी संख्या में सुरक्षा बल की मांग की है। उस दिन तड़के ही इलाके की घेराबंदी कर दी जाएगी और यातायात को डायवर्ट किया जाएगा ताकि मलबे से किसी राहगीर या पास की दूसरी इमारतों को नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही, बिजली विभाग को उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से काटने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का साफ कहना है कि लापरवाही और अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
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