Ballia News: जिउतिया से पहले मडुआ की लिट्टी खाने से, बलिया में दर्जनभर महिलाएं बीमार, जिला अस्पताल में भर्ती, गांव में हड़कंप
जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले महिलाओं ने खाया था मडुआ के आटे से बना भोजन, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज; खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच में जुटा प्रशासन
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के बांसडीह रोड क्षेत्र स्थित छाता आसचौरा गांव में मडुआ के आटे से बनी रोटी और लिट्टी खाने के बाद दर्जनभर से अधिक महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में सभी बीमार महिलाओं को बलिया जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि कई महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, छाता आसचौरा गांव की महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत से पहले मडुआ के आटे से बनी रोटी और लिट्टी खाई थी। भोजन करने के कुछ समय बाद ही एक-एक कर महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी। अचानक उल्टी, बेचैनी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने पर परिजनों में हड़कंप मच गया। इसके बाद सभी प्रभावित महिलाओं को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि गांव की ही एक दुकान से मडुआ का आटा खरीदा गया था। इसी आटे से बने खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की घटना ने खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आटे में मिलावट या किसी विषाक्त पदार्थ की मौजूदगी की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। वहीं, जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम सभी महिलाओं के उपचार में लगी हुई है। अस्पताल प्रशासन मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। खाद्य पदार्थ के नमूनों की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। फिलहाल सभी की निगाहें बीमार महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार और जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
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