Sambhal: विधायक इकबाल महमूद की मुश्किलें बढ़ीं! 9 बीघे 12 बिस्वा जमीन पर बुजुर्ग ने ठोका मालिकाना हक, लगाए गंभीर आरोप

सपा विधायक इकबाल महमूद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन की ओर से निर्माण को लेकर नोटिस के बीच अब

Aug 22, 2026 - 14:22
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Sambhal: विधायक इकबाल महमूद की मुश्किलें बढ़ीं! 9 बीघे 12 बिस्वा जमीन पर बुजुर्ग ने ठोका मालिकाना हक, लगाए गंभीर आरोप
याकूब, पीड़ित

उवैस दानिश, सम्भल

सपा विधायक इकबाल महमूद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन की ओर से निर्माण को लेकर नोटिस के बीच अब मोहल्ला डेरा सराय निवासी याकूब हुसैन ने विवादित जमीन पर अपना मालिकाना हक जताकर मामले को और गरमा दिया है।

याकूब हुसैन का दावा है कि करीब 9 बीघे 12 बिस्वा जमीन उनकी दादी नियाज़ बेगम के नाम थी, जिसका बैनामा उनके पास मौजूद है। उनका आरोप है कि जमीन पर करीब 25 से 30 लोगों ने अलग-अलग निर्माण कर लिए हैं और वह वर्षों से अपनी जमीन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। याकूब ने आरोप लगाया कि इकबाल महमूद के मंत्री रहते उनके प्रभाव के चलते कई लोगों ने जमीन पर निर्माण किया। उन्होंने जमीन से जुड़े पुराने मुकदमे का हवाला देते हुए वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों और मुतवल्ली बनाए जाने के दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं। याकूब का आरोप है कि कई लोगों के नाम पर किरायेदारी की रसीदें भी जारी की गईं, जबकि उनके मुताबिक इन रसीदों का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने हनीफ, जफीर, आरिफ, रईस, इलियास और इमरान समेत कई लोगों के नाम का जिक्र किया है।

याकूब का कहना है कि उन्होंने लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक अधिकारियों से शिकायत की है और मामला फिलहाल एसडीएम और डीएम स्तर पर भी चल रहा है। उनकी मांग है कि जमीन के बैनामे, राजस्व रिकॉर्ड और अदालत के आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दस्तावेजों में जमीन उनकी साबित होने पर उन्हें कब्जा दिलाया जाए। वहीं, सितंबर 2025 में प्रशासन द्वारा विधायक से जुड़े बाग से सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई भी सुर्खियों में रही थी। अब अगस्त 2026 में निर्माण को लेकर नोटिस और याकूब हुसैन के नए दावे ने जमीन विवाद को और पेचीदा कर दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम सच राजस्व अभिलेखों, बैनामे और अदालत के आदेशों से ही सामने आएगा। सवाल बड़ा है कि अगर याकूब का दावा सही है तो आखिर उनकी जमीन पर इतने वर्षों तक निर्माण कैसे होते रहे?

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