Lucknow: राष्ट्रीय लोक अदालत में 4,81,112 मामलों का निस्तारण, 65.97 करोड़ रुपये की वसूली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन
लखनऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रशासनिक न्यायमूर्ति लखनऊ राजेश सिंह चौहान की गरिमामयी उपस्थिति में पुराना उच्च न्यायालय परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें कुल 4,81,112 वादों का निस्तारण किया गया तथा 6,59,73,22,78 रुपये (लगभग 65.97 करोड़ रुपये) की धनराशि वसूल की गई।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 10 बजे दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश लखनऊ मलखान सिंह ने माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति को स्मृति चिन्ह और गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में डॉ. मनु कालिया, सदस्य सचिव उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी रवीन्द्र कुमार द्विवेदी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जीवक कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी, लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के अधिवक्ता, पराविधिक स्वयंसेवक व कर्मचारीगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शीतल प्रियदर्शी, सिविल जज (सी.डी.) द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर न्यायालय परिसर में वादकारियों के स्वास्थ्य के लिए मेगा हेल्थ कैंप और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन प्रशासनिक न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने फीता काटकर किया।
माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने अधिक से अधिक वादों को सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करने का आह्वान किया। जनपद न्यायालय लखनऊ, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट और सभी तहसीलों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
न्यायालय स्तर पर विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट द्वारा 384, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 4076, विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) द्वारा 2065 तथा अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेटों द्वारा सहित कुल 12,607 मामलों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 213, वाणिज्यिक न्यायालय के 12 और पारिवारिक न्यायालय के 189 मामलों सहित न्यायालयों में लंबित 19,546 वादों का निस्तारण कर 52,33,11,412 रुपये की वसूली की गई।
वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर राजस्व के 1,01,163, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के 2,99,679, बैंक रिकवरी के 1,695, वैवाहिक विवादों के 52 तथा अन्य 58,977 मामलों सहित कुल 4,61,566 प्रकरणों का निस्तारण कर 13,64,20,866 रुपये की वसूली हुई। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कुल 4,81,112 मामलों का निस्तारण कर 6,59,73,22,78 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
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