खान सर के कोचिंग संस्थान पर हमलावरों ने की तोड़फोड़ और फायरिंग, खौफनाक वारदात का सीसीटीवी फुटेज आया सामने।
बिहार की राजधानी पटना के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट इलाके से एक बेहद सनसनीखेज
- उपद्रवियों ने दफ्तर में घुसकर सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीटा और फाड़े पोस्टर, दहशत के साए में सुरक्षा की मांग को लेकर सड़क पर उतरे हजारों छात्र
- व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और कम फीस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के विवाद में रची गई बड़ी साजिश, पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर तेज की उपद्रवियों की तलाश
बिहार की राजधानी पटना के सबसे व्यस्त और प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। देश के सुप्रसिद्ध शिक्षक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर खान सर के कोचिंग रिसर्च सेंटर (खान ग्लोबल स्टडीज) परिसर पर अचानक दर्जनों अज्ञात और नकाबपोश उपद्रवियों ने धावा बोल दिया। इस हिंसक हमले के दौरान हमलावरों ने न केवल संस्थान के दफ्तर के भीतर घुसकर जमकर तोड़फोड़ और उत्पात मचाया, बल्कि परिसर के ठीक बाहर सड़क पर ताबड़तोड़ कई राउंड हवाई फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में भीषण अफरातफरी और भगदड़ मच गई। इस अचानक हुए हमले का एक बेहद स्पष्ट और डरावना सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ चुका है, जिसमें लाठी-डंडों और हथियारों से लैस उपद्रवी मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए और सड़क किनारे लगे खान सर के बड़े-बड़े पोस्टरों व बैनरों को बेरहमी से फाड़ते हुए साफ नजर आ रहे हैं।
इस बेहद सुनियोजित और हिंसक हमले की पूरी घटना वहां पास की एक इमारत में लगे उच्च क्षमता वाले सुरक्षा कैमरों में पूरी तरह से कैद हो गई है, जो अब विभिन्न जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध है। सीसीटीवी वीडियो के विजुअल्स में साफ देखा जा सकता है कि मोटर साइकिलों पर सवार होकर आए करीब दस से बारह की संख्या में युवक, जिनके चेहरे कपड़ों से ढके हुए थे, अचानक संस्थान के सामने रुकते हैं। उनके हाथों में लोहे के रॉड, हॉकी स्टिक और कट्टे जैसे घातक हथियार थे। वीडियो के अगले हिस्से में वे सुरक्षा कर्मियों को धक्का देकर दफ्तर के मुख्य केबिन में प्रवेश करते हैं और वहां रखे कंप्यूटर, कांच की खिड़कियां और कुर्सियों को तोड़ना शुरू कर देते हैं। दफ्तर के बाहर लगे स्वागत कक्ष में रखी फाइलों को भी हवा में बिखेर दिया गया और कुछ ही मिनटों के भीतर पूरे मुख्य द्वार को मलबे में तब्दील करके हमलावर हवा में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
मुख्य साक्ष्य:
घटना का समय और स्थान मुख्य क्षति और चोटें सुरक्षा बलों की वर्तमान स्थिति बरामद डिजिटल साक्ष्य
मुसल्लहपुर हाट, पटना, देर रात दफ्तर में भारी तोड़फोड़, एक सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल नया टोला और कदमकुआं क्षेत्र छावनी में तब्दील 3 अलग-अलग कोणों के स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज
जब संस्थान के मुख्य सुरक्षा गार्ड ने इस अचानक और अनधिकृत प्रवेश का पूरी बहादुरी से विरोध करने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीटा गया और उसके सिर व हाथों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। घटना के ठीक बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय प्रबंधन की टीम ने बिना एक पल गंवाए घायल गार्ड को पास के एक बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका आपातकालीन इलाज चल रहा है। इस हिंसक कृत्य और सरेआम हुई गुंडागर्दी के कारण केवल संस्थान के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उस पूरे कोचिंग हब में रहने वाले हजारों छात्र-छात्राएं, स्थानीय दुकानदार और राहगीर भी गहरे डर और दहशत के साए में आ गए हैं, क्योंकि यह इलाका हमेशा छात्रों की पढ़ाई के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता रहा है।
इस बेहद गंभीर और सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले की सूचना मिलते ही पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और नगर पुलिस अधीक्षक (SP) भारी संख्या में त्वरित कार्यबल और स्थानीय कदमकुआं थाने की पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने स्वयं घटना के चश्मदीदों और कोचिंग सेंटर के वरिष्ठ प्रबंधकों से बात कर मामले की पूरी जानकारी ली है। प्रशासनिक टीम ने आश्वस्त किया है कि इस पूरी आपराधिक वारदात को अंजाम देने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की एक विशेष तकनीकी टीम इस समय पूरे इलाके के सभी निजी और सरकारी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहनता से फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है ताकि हमलावरों के वाहनों के नंबरों और उनके ठिकानों का सटीक पता लगाया जा सके, और अब तक इस मामले में करीब दस से अधिक संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।
इस जानलेवा और डरावने हमले के अगले ही दिन सुबह पूरे पटना शहर में छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और हजारों की संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र संस्थान के बाहर एकत्रित हो गए। छात्रों ने सड़क जाम कर दी और सुरक्षा की कड़े मानकों को लागू करने तथा हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि यदि शिक्षा के इतने बड़े और नामी केंद्र पर सरेआम हथियारबंद लोग हमला कर सकते हैं, तो आम छात्रों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा। स्थिति को दोबारा अनियंत्रित होने से बचाने के लिए प्रशासन ने पूरे मुसल्लहपुर हाट और नया टोला क्षेत्र को एक तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती भी की जा रही है।
इस बड़े विवाद के पीछे के असल कारणों और कड़ियों को जोड़ने पर यह बात सामने आ रही है कि यह पूरा हमला विशुद्ध रूप से व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और कोचिंग माफियाओं के आपसी वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है। खान सर ने स्वयं इस घटना के बाद मीडिया के सामने आकर अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसके पीछे एक बहुत बड़ी साजिश होने की बात कही है। उनका कहना है कि कुछ ऐसे व्यावसायिक तत्व जो शिक्षा को केवल एक धंधा मानते हैं, वे इस बात से बुरी तरह चिढ़े हुए हैं कि उनका संस्थान देश के सबसे गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को बेहद न्यूनतम और सुलभ फीस में इतनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और कोचिंग कैसे उपलब्ध करा रहा है। जब हजारों की संख्या में गरीब बच्चे यहां से पढ़कर सरकारी परीक्षाओं में सफलता हासिल करते हैं, तो बड़े-बड़े कोचिंग घरानों का व्यापारिक मॉडल पूरी तरह ध्वस्त हो जाता है, और इसी ईर्ष्या व जलन के कारण उनके संस्थान को बम से उड़ाने और बंद कराने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
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