ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर वीआईपी मूवमेंट के कारण लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, प्रसव पीड़ा से तड़पती पत्नी को देख पति ने बीच सड़क पर शुरू किया धरना

महानगरों की सड़कों पर अक्सर होने वाली वीआईपी आवाजाही और उसके कारण आम नागरिकों को होने वाली असुविधा की एक

Jun 1, 2026 - 13:22
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ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर वीआईपी मूवमेंट के कारण लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, प्रसव पीड़ा से तड़पती पत्नी को देख पति ने बीच सड़क पर शुरू किया धरना
ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर वीआईपी मूवमेंट के कारण लगा कई किलोमीटर लंबा जाम, प्रसव पीड़ा से तड़पती पत्नी को देख पति ने बीच सड़क पर शुरू किया धरना
  • गवर्नर के काफिले के लिए रोकी गई आम जनता की रफ्तार, अस्पताल जाने के लिए घंटों फंसे शख्स का फूटा गुस्सा, पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बेबस पति का विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा प्रोटोकॉल और आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों के बीच छिड़ी नई बहस

महानगरों की सड़कों पर अक्सर होने वाली वीआईपी आवाजाही और उसके कारण आम नागरिकों को होने वाली असुविधा की एक बेहद संवेदनशील और आंखें खोल देने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में से एक, ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर सोमवार सुबह उस समय एक अजीब और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक शख्स अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर अस्पताल जा रहा था लेकिन गवर्नर के काफिले की सुरक्षा के चलते उसे लंबे ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ा। घंटों तक अपनी आंखों के सामने पत्नी को दर्द से तड़पता देख उस व्यक्ति के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए वह गाड़ी से उतरा और मुख्य सड़क के बीचों-बीच पालथी मारकर बैठ गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के बीच अचानक खलबली मच गई।

इस घटना की शुरुआत सुबह के व्यस्ततम समय में हुई, जब सड़कों पर पहले से ही दफ्तर और अन्य गंतव्यों के लिए निकलने वाले वाहनों का भारी दबाव था। इसी दौरान राज्य के महामहिम राज्यपाल (गवर्नर) के आधिकारिक काफिले की आवाजाही को सुरक्षित और बाधा रहित संपन्न कराने के लिए स्थानीय यातायात पुलिस ने ओल्ड एयरपोर्ट रोड की तरफ आने वाले सभी मुख्य रास्तों और चौराहों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया था। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किए गए इस औचक चक्काजाम के कारण कुछ ही मिनटों के भीतर सड़क पर वाहनों की कतारें कई किलोमीटर लंबी हो गईं और सैकड़ों गाड़ियां जहां की तहां ठप हो गईं, जिसमें कई आवश्यक सेवाएं और एम्बुलेंस भी फंसी रहीं।

इसी जाम के बीच फंसे एक चार पहिया वाहन में एक दंपत्ति सवार था, जो प्रसव से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मेडिकल चेकअप और आपातकालीन स्थिति के कारण अस्पताल की तरफ बढ़ रहा था। गाड़ी चला रहे व्यक्ति की पत्नी नौ महीने की गर्भवती थी और जाम में फंसे होने के दौरान ही उसे अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख पति ने बार-बार वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों और सुरक्षा अधिकारियों से गुहार लगाई कि उसकी गाड़ी को आगे जाने का रास्ता दिया जाए, क्योंकि उसकी पत्नी की चिकित्सा स्थिति बेहद नाजुक होती जा रही थी। हालांकि, वीआईपी सुरक्षा के कड़े नियमों और उच्च अधिकारियों के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी और वाहन को आगे बढ़ाने की अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया। जब हर तरफ से गुहार लगाने के बाद भी रास्ता नहीं मिला और समय लगातार बीतता गया, तो उस बेबस व्यक्ति ने अपनी पत्नी की जान को खतरे में देख एक ऐतिहासिक विरोध का रास्ता चुना। उसने अपनी गाड़ी को बीच रास्ते में ही आड़ा खड़ा किया और सीधे गवर्नर के तय रूट की मुख्य लेन पर जाकर धरने पर बैठ गया। उसने चिल्लाकर प्रशासन को चेताया कि यदि उसकी पत्नी को कुछ भी हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी इस वीआईपी व्यवस्था की होगी।

इस अप्रत्याशित और साहसिक विरोध प्रदर्शन को देखकर मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि गवर्नर का काफिला कुछ ही मिनटों में उसी मार्ग से गुजरने वाला था। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उस व्यक्ति को समझा-बुझाकर सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा कि पहले उसकी पत्नी की गाड़ी को सुरक्षित ग्रीन कॉरिडोर देकर अस्पताल के लिए रवाना किया जाए। इस हंगामे और बीच सड़क पर चल रहे हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखकर आसपास मौजूद अन्य वाहन चालकों ने भी उस व्यक्ति का समर्थन करना शुरू कर दिया, जिससे पुलिस पर नैतिक दबाव अत्यधिक बढ़ गया और आखिरकार उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा।

जमीन पर बढ़ते आक्रोश और स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने की आशंका को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत वायरलेस पर संदेश भेजकर सुरक्षा घेरे को थोड़ा शिथिल कराया। इसके बाद, दो ट्रैफिक मोटरसाइकिलों की मदद से उस व्यक्ति की कार के लिए एक अस्थाई रास्ता तैयार किया गया और उसे जाम से निकालकर नजदीकी प्रसूति अस्पताल की तरफ रवाना किया गया, जिसके बाद ही उसने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि, तब तक इस पूरे वाकये और बेबस पति के संघर्ष का वीडियो वहां मौजूद कई लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया था, जो कुछ ही घंटों के भीतर इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर पूरी तरह वायरल हो गया।

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