'रील्स से ज्यादा जरूरी है बच्चे की जान, थोड़े जिम्मेदार बनो यार'— बीच शो में सिंगर परमीश वर्मा ने गाना रोककर गायक ने मां को सिखाई जिम्मेदारी
परमीश वर्मा के इस कड़े लेकिन सकारात्मक रुख की पूरी मनोरंजन इंडस्ट्री और खेल जगत से जुड़े लोग भी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। कलाकारों का मानना है कि लाइव शो के दौरान मंच पर बहुत सी चीजें चल रही होती हैं, भारी लाइटें और तार फैले होते हैं, ऐसे में दर्शकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चा
- राजस्थान में लाइव कॉन्सर्ट के दौरान भड़के मशहूर पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा, रील बनाने के चक्कर में बच्चे को रैंप पर छोड़ने वाली महिला को लगाई फटकार
- इंटरनेट पर वायरल हुआ सिंगर परमीश वर्मा का कड़ा रुख, सोशल मीडिया के दौर में पैरेंटिंग और सुरक्षा को लेकर छिड़ी एक नई बहस
राजस्थान की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित एक बेहद भव्य लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान एक ऐसा वाक्या घटित हुआ जिसने मनोरंजन जगत के साथ-साथ आम जनमानस का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। अपने दमदार गानों और अनूठे अंदाज के लिए युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय पंजाबी गायक और अभिनेता परमीश वर्मा एक बड़े संगीत कार्यक्रम में अपनी परफॉर्मेंस दे रहे थे। पूरा पंडाल उनके गानों पर झूम रहा था और माहौल पूरी तरह से उत्साह से सराबोर था, लेकिन इसी बीच एक महिला प्रशंसक ने कुछ ऐसा किया जिससे सिंगर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और चंद सेकंड की वीडियो क्लिप के चक्कर में उस महिला ने अपने बेहद छोटे और मासूम बच्चे की सुरक्षा को पूरी तरह दांव पर लगा दिया। इस लापरवाही को देखते ही परमीश वर्मा ने न केवल अपना लाइव गाना बीच में ही रोक दिया, बल्कि मंच से ही उस महिला को सबके सामने कड़ी फटकार भी लगाई।
यह पूरी घटना राजस्थान के एक प्रमुख शहर में आयोजित कॉलेज फेस्ट या सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान की बताई जा रही है, जहां परमीश वर्मा को सुनने के लिए हजारों की संख्या में प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। मंच के ठीक सामने बने रैंप एरिया के पास वीआईपी और सामान्य दर्शकों की भारी कतार थी, जहां लोग सिंगर की एक झलक पाने और उनके साथ वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए बेताब थे। इसी भीड़ में शामिल एक महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर आई थी, लेकिन जैसे ही परमीश वर्मा गाते हुए रैंप के करीब पहुंचे, उस महिला ने सिंगर का ध्यान अपनी ओर खींचने और एक यूनिक सोशल मीडिया रील बनाने के लालच में अपने बच्चे को अकेले ही ऊंचे रैंप की दीवार पर छोड़ दिया। भारी भीड़ के दबाव, तेज आवाज और बड़े-बड़े लाउडस्पीकरों के शोर के बीच उस मासूम बच्चे के गिरने या चोटिल होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
मंच पर परफॉर्म कर रहे परमीश वर्मा की नजर जैसे ही उस अकेले छूटे हुए बच्चे पर पड़ी, वह तुरंत असहज हो गए और उन्होंने अपनी सुरक्षा टीम को पीछे हटने का इशारा करते हुए संगीत को पूरी तरह बंद करवा दिया। उन्होंने हाथ में माइक थामकर सीधे उस महिला की तरफ इशारा किया और बेहद कड़े शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया की रील्स और वीडियो बनाने से कहीं ज्यादा जरूरी आपके बच्चे की सुरक्षा है। सिंगर ने भरी महफिल में उस महिला को डांटते हुए कहा कि आपको थोड़ा जिम्मेदार बनना चाहिए और इस तरह की लापरवाही से बचना चाहिए। परमीश वर्मा का यह रूप देखकर वहां मौजूद हजारों दर्शक पूरी तरह शांत हो गए क्योंकि उन्होंने एक कलाकार होने के साथ-साथ एक सजग नागरिक और पिता होने का दायित्व निभाया था। उन्होंने साफ किया कि जब तक बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हाथों में नहीं पहुंच जाता, वह अपना प्रदर्शन आगे नहीं बढ़ाएंगे।
इस घटना का वीडियो जैसे ही इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया, वह तुरंत ही तेजी से प्रसारित होने लगा और देखते ही देखते ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शुमार हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक मां अपने बच्चे की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह उदासीन होकर केवल अपने मोबाइल फोन के कैमरे को ऑन करके सिंगर को फ्रेम में कैद करने की कोशिश कर रही थी। इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार ने डिजिटल युग की उस कड़वी हकीकत को सबके सामने लाकर रख दिया है जहां लोग वर्चुअल दुनिया की वाहवाही और लाइक्स पाने के लिए अपने सगे-संबंधियों और बच्चों तक की जान जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचाते हैं। परमीश वर्मा द्वारा उठाया गया यह कदम इसलिए भी सराहनीय माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने स्टारडम या शो के फ्लो की परवाह न करते हुए एक बच्चे के जीवन को प्राथमिकता दी।
राजस्थान के इस कॉन्सर्ट में घटी इस घटना ने आधुनिक पैरेंटिंग और सोशल मीडिया के अत्यधिक एडिक्शन पर देश भर में एक व्यापक विमर्श को जन्म दे दिया है। आज के समय में यह देखा जा रहा है कि युवा माता-पिता भी अपने छोटे बच्चों को पब्लिसिटी और इंटरनेट कंटेंट का जरिया बनाने की होड़ में शामिल हो चुके हैं। देर रात तक चलने वाले इन म्यूजिकल कॉन्सर्ट्स में जहां शराब, तेज रोशनी और अत्यधिक भीड़ होती है, वहां छोटे बच्चों को लेकर जाना वैसे ही स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता। उस पर भी इस तरह से बच्चों को सुरक्षा घेरे के ऊपर छोड़ देना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा था। इस घटना के बाद से विभिन्न सामाजिक संगठनों और बाल कल्याण समितियों ने भी इस विषय पर चिंता व्यक्त की है और लाइव इवेंट्स में बच्चों के प्रवेश को लेकर कड़े नियम बनाने की वकालत की है।
परमीश वर्मा के इस कड़े लेकिन सकारात्मक रुख की पूरी मनोरंजन इंडस्ट्री और खेल जगत से जुड़े लोग भी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। कलाकारों का मानना है कि लाइव शो के दौरान मंच पर बहुत सी चीजें चल रही होती हैं, भारी लाइटें और तार फैले होते हैं, ऐसे में दर्शकों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। परमीश वर्मा खुद सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और उनकी एक बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है, लेकिन उन्होंने मंच से जो संदेश दिया वह हर एक इंटरनेट यूजर के लिए एक सीख की तरह है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि कोई भी रील या वीडियो किसी इंसान की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकता और मशहूर हस्तियों को भी इस तरह की लापरवाहियों पर चुप रहने के बजाय तुरंत आवाज उठानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस पूरे विवाद और हंगामे के बाद जब महिला ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए बच्चे को वापस अपनी सुरक्षित गोदी में ले लिया, तब जाकर परमीश वर्मा का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ। उन्होंने दर्शकों से दोबारा अपील की कि वे कार्यक्रम का आनंद लें लेकिन अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न करें। इसके बाद उन्होंने अपना कॉन्सर्ट दोबारा शुरू किया और राजस्थान के प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए अपने बाकी के सुपरहिट गानों से समां बांध दिया। यह शो भले ही कुछ समय के लिए बाधित हुआ हो, लेकिन इस घटना ने राजस्थान के इस लाइव कॉन्सर्ट को हमेशा के लिए एक ऐसी याद में बदल दिया जिसने समाज को सोशल मीडिया के पागलपन से परे जाकर अपनी वास्तविक जिम्मेदारियों को समझने का एक बहुत बड़ा सबक दिया है।
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