दिल्ली के ऐतिहासिक महरौली इलाके में भरभराकर गिरी चार मंजिला रिहायशी इमारत, मलबे में दबने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत।

देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और बेहद सघन आबादी वाले दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके से एक बेहद दुखद और

Jun 1, 2026 - 14:23
 0  5
दिल्ली के ऐतिहासिक महरौली इलाके में भरभराकर गिरी चार मंजिला रिहायशी इमारत, मलबे में दबने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत।
दिल्ली के ऐतिहासिक महरौली इलाके में भरभराकर गिरी चार मंजिला रिहायशी इमारत, मलबे में दबने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत।
  • देर रात हुए भीषण हादसे से दहल उठा दक्षिण दिल्ली का वार्ड नंबर आठ, स्थानीय लोगों और एनडीआरएफ ने चलाया कड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
  • अवैध निर्माण और कमजोर बुनियाद बनी मासूमों की मौत की वजह, घायलों को सफदरजंग अस्पताल में कराया गया भर्ती, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और बेहद सघन आबादी वाले दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। महरौली के वार्ड नंबर आठ की एक तंग गली में स्थित एक चार मंजिला रिहायशी इमारत देर रात अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस भीषण हादसे के वक्त इमारत के भीतर विभिन्न परिवारों के लोग गहरी नींद में सो रहे थे, जिन्हें संभलने या बाहर भागने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिल सका। इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में तेज धमाके के साथ धूल का एक गुबार छा गया और चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक छह लोगों के शव मलबे से बाहर निकाले जा चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है।

यह भयानक हादसा रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब एक बजे के आसपास घटित हुआ, जब ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अचानक एक जोरदार कड़कड़ाहट की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरी बहुमंजिला इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत के गिरने से आसपास के दो अन्य मकानों को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है, जिससे उनमें रहने वाले लोग भी दहशत के मारे सड़कों पर आ गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा की आधा दर्जन गाड़ियां और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन गलियां बेहद तंग होने के कारण शुरुआती दौर में राहत वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मलबे के विशाल ढेर और उसमें दबे लोगों की स्थिति को देखते हुए तुरंत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष टीम को बुलाया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने स्थानीय युवाओं की मदद से कंक्रीट के बड़े स्लैब और लोहे के सरियों को कटर की मदद से काटने का काम शुरू किया। मलबे के नीचे दबे लोगों को तलाशने के लिए खोजी कुत्तों और आधुनिक सेंसर उपकरणों का सहारा लिया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बचाव दल ने मलबे से दस लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की, जो मलबे के भीतर संकरे कोनों में फंसे हुए थे। हालांकि, इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान छह लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी और उनके शवों को बाहर निकाला गया। मलबे से सुरक्षित निकाले गए सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से पास के एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से तीन लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जो वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

इस हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) और राजस्व विभाग के अधिकारियों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटनाग्रस्त हुई यह इमारत काफी पुरानी थी और इसके निर्माण में बेहद घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। इसके अतिरिक्त, इस इमारत के ऊपर बिना किसी कानूनी अनुमति और बिना उचित नक्शे के अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कर दिया गया था, जिसका भारी वजन कमजोर बुनियाद सहन नहीं कर पाई। दिल्ली के इन पुराने इलाकों में भूजल के अनियंत्रित दोहन और सीवेज के पानी के रिसाव के कारण भी जमीन के भीतर की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जो इस तरह के हादसों की एक बड़ी वजह बनती है।

प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है और जिला मजिस्ट्रेट ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, जिसमें भवन मालिक की लापरवाही और स्थानीय निगम अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने भी गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत भवन निर्माता और मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

Also Read- लुटियंस दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली करने का सरकारी फरमान, पांच जून तक परिसर छोड़ने के आदेश से मचा हड़कंप।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।